Mahashivratri 2026: इस बार महाशिवरात्रि के मौके पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि से काशी विश्वनाथ धाम तक दिव्य प्रसाद भेजा जाएगा। यह पहल पहली बार हो रही है और इसे लेकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है। आगामी 8 फरवरी 2026 को श्रीकृष्ण जन्मभूमि से काशी विश्वनाथ धाम, वाराणसी के लिए दिव्य प्रसाद रवाना किया जाएगा।

प्रसाद में क्या होगा शामिल?
इस विशेष प्रसाद में सवा मन फलाहारी लड्डू, फल, पंचमेवा, बाबा विश्वनाथ और भगवती अन्नपूर्णा के वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री, साथ ही सुगंधित द्रव्य जैसी अन्य सामग्री शामिल होगी। यह सभी सामग्री शास्त्रीय मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार तैयार की जाएगी। प्रसाद को मंदिर के पुजारियों द्वारा विधिपूर्वक पूजा-अर्चना के बाद सजाए गए वाहन में काशी विश्वनाथ धाम के लिए भेजा जाएगा।
संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मथुरा और काशी के बीच धार्मिक प्रेम और एकता को बढ़ाना है। महाशिवरात्रि शिव-पार्वती के विवाह का उत्सव है, इसलिए मथुरा की ओर से यह भेंट बाबा विश्वनाथ को अर्पित की जाएगी।
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का भावनात्मक जुड़ाव
यह आयोजन महाशिवरात्रि के दिन, यानी फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती को अर्पित किया जाएगा। महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक माना जाता है। साथ ही, इसी दिन को शिवलिंग के प्राकट्य की मान्यता भी है।
गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व ब्रजभूमि सहित देश-विदेश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की यह पहल काशी, मथुरा और अयोध्या के बीच धार्मिक एकता और सांस्कृतिक समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य करेगी।

Read more:- कुंवारी कन्याएं कैसे रखें महाशिवरात्रि का व्रत

