Economic Survey: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले साल देश की अर्थव्यवस्था ने कैसा प्रदर्शन किया। इसके अलावा, इसमें यह भी बताया गया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल इस डिजिटल युग में बढ़ता जा रहा है। आइए जानते हैं इस आर्थिक सर्वेक्षण में कौन सी खास बातें सामने आईं।
इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 की 10 सबसे खास बातें:
रॉकेट की रफ़्तार से बढ़ती जीडीपी (GDP Growth):
इस बार के सर्वे की सबसे बड़ी खबर यह है कि भारत लगातार चौथे साल दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान है, जो वैश्विक मंदी के माहौल में एक बड़ी उपलब्धि है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर खास ध्यान:
इस बार आर्थिक सर्वे में AI के लिए एक अलग चैप्टर रखा गया है। सरकार का मानना है कि AI अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है। सर्वे में भारत के लिए ‘बॉटम-अप अप्रोच’ का सुझाव दिया गया है, ताकि कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं में AI का लाभ पहुंचाया जा सके।
महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक उछाल:
देश के विकास में महिलाओं का योगदान तेजी से बढ़ा है। लेबर फोर्स में महिलाओं की भागीदारी 2017 के 23.3% से बढ़कर अब 41.7% हो गई है। यह सामाजिक और आर्थिक बदलाव का एक बड़ा संकेत है।
महंगाई अब पूरी तरह नियंत्रण में:
आम आदमी के लिए सबसे राहत की बात यह है कि खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) अपने सबसे निचले स्तर पर है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच यह औसत 1.7% रही, जो पिछले कई दशकों में सबसे कम है।
बेरोजगारी दर में भारी गिरावट:
नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सर्वे के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर 2017-18 के 6% से घटकर अब 3.2% पर आ गई है। स्वरोजगार और नई कंपनियों के बढ़ने से नौकरियों के अवसर बढ़े हैं।
बैंकिंग सेक्टर की सेहत में सुधार:
बैंकिंग सेक्टर मजबूत हुआ है और उनके फंसे हुए कर्ज (Gross NPA) घटकर 2.2% रह गए हैं। यह कई सालों का सबसे निचला स्तर है, जिसका मतलब है कि बैंकों के पास अब लोन देने के लिए पर्याप्त पैसा और मजबूती है।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का नया पावरहाउस:
भारत अब केवल सामान नहीं मंगाता, बल्कि उसे निर्यात भी करता है। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर अब देश का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बन गया है। अकेले वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 22.2 बिलियन डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स सामान निर्यात किया गया है।
तेजी से होता शहरीकरण:
सर्वे के मुताबिक, भारत के शहर अब ‘विकास के इंजन’ बन चुके हैं। अनुमान है कि 2036 तक देश की 40% आबादी (करीब 60 करोड़ लोग) शहरों में रहेगी। वर्तमान में देश की जीडीपी में 70% योगदान शहरी इलाकों का है।
किसानों की आर्थिक सुरक्षा:
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार का जोर जारी है। पीएम किसान योजना के तहत अब तक 4.09 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं। साथ ही, MSP और फसल बीमा योजनाओं को और डिजिटल बनाया जा रहा है।
राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline):
सरकार ने अपने खर्चों और कमाई के बीच के अंतर (Fiscal Deficit) को नियंत्रित रखा है। राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.8% पर पूरा हुआ है, जो सरकार के मजबूत वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।
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