Gandhi Jayanti 2025: हर साल 2 अक्टूबर को पूरे देश में गांधी जयंती मनाई जाती है। इस साल बापू की 156वीं जयंती मनाई जाएगी। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। वे पूरे विश्व में सत्य और अहिंसा के पुजारी माने जाते हैं। भारत की आज़ादी की लड़ाई में उनका योगदान बहुत बड़ा रहा।
दिल्ली शहर में कई जगहें हैं जो आज भी महात्मा गांधी की यादों को संजोए हुए हैं। अगर आप गांधी जयंती के दिन अपने बच्चों और परिवार के साथ इन जगहों पर जाते हैं तो आपको बापू के जीवन और उनके विचारों को करीब से समझने का मौका मिलेगा। आइए जानते हैं दिल्ली की वो 6 जगहें—
1. गांधी स्मृति (बिड़ला हाउस) –
यह जगह दिल्ली के तेहरान रोड पर है। यहां बापू ने अपने जीवन के आखिरी दिन बिताए थे। 30 जनवरी 1948 को यहीं उनकी हत्या हुई थी। आज यह संग्रहालय के रूप में जाना जाता है जहां गांधी जी से जुड़ी कई तस्वीरें और सामान रखे हैं। साथ ही यहाँ पर गाँधी जी का एक शो भी दिखाया जाता है.
2. राजघाट
राजघाट यमुना नदी के किनारे बना है। यह गांधी जी की समाधि स्थल है। काले संगमरमर से बनी यह जगह पूरे देश और दुनिया से आने वाले लोगों के लिए श्रद्धा का स्थान है। यही गाँधी जी का अंतिम संस्कार किया गया था. यहाँ पहुंचने का नज़दीकी मेट्रो स्टेशन दिल्ली गेट है.
3. राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय
राजघाट के पास बना यह संग्रहालय गांधी जी की जिंदगी से जुड़ी चीजें दिखाता है। यहां चरखा, उनके पत्र, तस्वीरें और इस्तेमाल की गई चीजें रखी गई हैं। गांधीजी के जीवन और उनके दर्शन को समझने के लिए एक बेहतरीन जगह है। यहाँ पहुंचने का नज़दीकी मेट्रो स्टेशन जनपथ है.
4. कस्तूरबा कुटीर
कस्तूरबा कुटीर महात्मा गांधी और उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी की यादों से जुड़ा स्थान है। यह साबरमती आश्रम में स्थित है, जहाँ दोनों ने अपने जीवन के कई साल बिताए। इस कुटीर में उनके जीवन से जुड़ी चीज़ें आज भी सुरक्षित हैं, जो लोगों को सादगी और त्याग का संदेश देती हैं।
5. राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय और पुस्तकालय
राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय और पुस्तकालय नई दिल्ली में है। यह महात्मा गांधी के जीवन और उनके काम के बारे में बताता है। यहाँ गांधीजी से जुड़ी तस्वीरें, किताबें और वस्तुएँ रखी गई हैं। यह स्थान इतिहास जानने वाले लोगों के लिए खास है।
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