महोबा जिले के कबरई विकास खंड के ढिकवाहा गांव स्थित एक सरकारी प्राइमरी स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रसोइया बच्चों को Mid-Day Meal में दूध देने के बजाय, पानी में दो पैकेट दूध मिलाकर परोसते हुए नजर आ रही हैं। इस घटना के दौरान प्रधानाचार्या भी मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। वीडियो वायरल होते ही यह मामला बीएसए राहुल मिश्रा तक पहुंचा, जिन्होंने जांच और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
विद्यालय में सोती हुई नजर आईं प्रधानाचार्या
वायरल वीडियो में विद्यालय की प्रधानाचार्या मोनिका सोनी भी मोबाइल में वीडियो बनाते हुए दिखाई दे रही हैं। इसके अलावा, दो अन्य वीडियो में वह क्लासरूम में सोती हुई भी नजर आईं। यह पूरी घटना मिड डे मील के बजट में कटौती और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ की ओर इशारा करती है।
मिड डे मील में मिलावट का मामला
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रसोइया एक बाल्टी में पानी भरकर उसमें दो पैकेट दूध मिलाती हैं और फिर इस मिश्रण को बच्चों में बांट देती हैं। वीडियो में प्रधानाचार्या बच्चों को दूध पीने के लिए बुलाती हुई भी सुनाई देती हैं। इस दौरान विद्यालय का स्टाफ बच्चों को निर्देश देता हुआ दिखाई दे रहा है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि न केवल स्कूल के भोजन की गुणवत्ता खराब हो रही है, बल्कि शिक्षा का स्तर भी गिरता जा रहा है। प्रधानाचार्या अक्सर स्कूल में सोती रहती हैं और नियमों की अनदेखी करती हैं।
बीएसए ने किया नोटिस जारी
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के बाद बीएसए राहुल मिश्रा ने प्रधानाचार्या मोनिका सोनी को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला शिक्षा विभाग और प्रशासन के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। मिड डे मील का उद्देश्य बच्चों को पोषण देना है, लेकिन इस मामले में दूध में पानी मिलाकर बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। साथ ही, विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
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