Indore News: स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में इन दिनों हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 13 लोगों की जान चली गई है, जबकि 1400 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों से पूरे इलाके में डर का माहौल है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में साफ हो गया है कि लोगों की मौत और बीमारी की वजह गंदा पीने का पानी है। इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने बताया कि भागीरथपुरा में पानी की मुख्य सप्लाई लाइन में लीकेज था। इसी लीकेज के कारण सीवर का पानी पीने के पानी में मिल गया, जिससे यह गंभीर स्थिति बनी।
मौतों के आंकड़ों पर सवाल
परिजनों का कहना है कि अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से फिलहाल केवल 4 मौतों को ही आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया गया है। मृतकों में 75 साल के नंदलाल पाल, 60 साल की उर्मिला यादव, 70 साल की ताराबाई कोरी और एक 5 महीने का मासूम अव्यान साहू भी शामिल है। यह स्थिति लोगों के गुस्से और दुख को और बढ़ा रही है।
रोज सामने आ रहे नए मरीज
पिछले नौ दिनों में भागीरथपुरा इलाके में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हर दिन नए मरीज सामने आ रहे हैं। हाल ही में 13 और लोग बीमार मिले हैं। प्रशासन ने इलाके में घर-घर सर्वे शुरू किया है, ताकि समय रहते मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जा सके और किसी की जान न जाए।
नगर निगम पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदे पानी की समस्या अचानक नहीं हुई। कई महीनों से पानी बदबूदार और गंदा आ रहा था। लोगों ने इसकी शिकायत नगर निगम से कई बार की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नारियलपुरा और आसपास के इलाकों में कई घरों में सीवर का पानी भर गया है।
लोगों का यह भी आरोप है कि पानी की लाइन सुधारने के नाम पर उनसे पैसे भी वसूले जा रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
महिलाओं ने किया विरोध प्रदर्शन
मौतों के बाद इलाके के लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखा। महिलाओं ने नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और उन्हें इस हालात का जिम्मेदार बताया। कमला देवी नाम की एक महिला ने कहा,अब भी गंदा पानी आ रहा है। मजबूरी में हम उसे उबालकर पी रहे हैं। पैकेट वाला पानी खरीदना हमारे लिए मुश्किल है।’

एक अन्य महिला भारती ने कहा,’अगर अधिकारियों को पहले से जानकारी थी, तो समय रहते कुछ क्यों नहीं किया गया? अगर पहले कार्रवाई होती, तो लोगों की जान नहीं जाती।’
गंदगी से भी हालात बदतर
इलाके के लोगों ने बताया कि यहां सफाई की हालत भी बहुत खराब है। गलियों में इतनी गंदगी है कि घरों के दरवाजे खोलना तक मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आता।
प्रशासन की कार्रवाई जारी
नगर निगम को वह जगह मिल गई है, जहां से पानी दूषित हुआ था। उस पाइपलाइन की मरम्मत कर दी गई है, लेकिन हालात पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और आगे की जांच भी जारी है।
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