Makar Sankranti 2026: हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में मकर संक्रांति का विशेष स्थान है। इसे उत्तर भारत में खिचड़ी पर्व के नाम से भी जाना जाता है। हर साल की तरह साल 2026 में भी मकर संक्रांति की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ है कि यह पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा या 15 जनवरी को। पंचांग के अनुसार सूर्य के गोचर के आधार पर ही मकर संक्रांति की सही तिथि तय होती है।
मकर संक्रांति 2026 की सही तारीख
पंचांग गणना के अनुसार 14 जनवरी 2026 को सुबह 9 बजकर 03 मिनट पर सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी सूर्य गोचर के कारण मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 को ही मनाई जाएगी।
पुण्यकाल और महापुण्यकाल
- पुण्यकाल: 14 जनवरी सुबह 8:42 बजे से
- महापुण्यकाल: सुबह 8:40 बजे से 9:04 बजे तक
- गंगा स्नान का शुभ समय: सुबह 9:03 बजे से 10:48 बजे तक
- इसी समय स्नान, दान और पूजा करना सबसे अधिक फलदायी माना गया है।
मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व
मकर संक्रांति के दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं। इसे देवताओं के दिन की शुरुआत माना जाता है। इस दिन से खरमास समाप्त हो जाता है और विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे सभी मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाते हैं। शास्त्रों में इस दिन किए गए स्नान और दान का फल कई गुना बताया गया है।
मकर संक्रांति की पूजा विधि
- सूर्योदय से पहले या शुभ मुहूर्त में स्नान करें.
- स्नान के जल में गंगाजल और काले तिल मिलाएं.
- तांबे के पात्र में जल, तिल, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें.
- अर्घ्य देते समय ‘ॐ सूर्याय नमः’ या ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें.
- इसके बाद जरूरतमंदों को दान करें.
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