Plane Crash: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार की विमान दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। लेकिन इस हादसे ने न केवल एक कद्दावर राजनेता को हमसे छीना, बल्कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र के दो चमकते सितारों कैप्टन शांभवी पाठक और कैप्टन सुमित कपूर का भी दुखद अंत कर दिया।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
दिल्ली स्थित VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित Learjet 45 (VT-SSK) विमान ने मुंबई से उड़ान भरी थी। विमान अपनी मंजिल यानी बारामती की ओर बढ़ रहा था, लेकिन लैंडिंग के समय कुछ ऐसा हुआ कि विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वाले लोग:
- अजीत पवार (डिप्टी सीएम, महाराष्ट्र)
- कैप्टन सुमित कपूर (पायलट-इन-कमांड)
- कैप्टन शांभवी पाठक (को-पायलट)
- विदिप जाधव (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर)
- पिंकी माली (फ्लाइट अटेंडेंट)
आसमान छूने का सपना और दुखद अंत
इस उड़ान में ‘फर्स्ट ऑफिसर’ के तौर पर तैनात शांभवी पाठक एक बेहद प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी पायलट थीं। दिल्ली की रहने वाली शांभवी की उम्र महज 25 से 30 वर्ष के बीच थी। उन्होंने बहुत ही कम समय में एविएशन सेक्टर में अपनी एक खास पहचान बना ली थी।
शिक्षा और पेशेवर ट्रेनिंग
शांभवी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बहुत मजबूत थी। उन्होंने दिल्ली के प्रसिद्ध एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा (2016-2018) पूरी की थी। बचपन से ही आसमान में उड़ने का शौक रखने वाली शांभवी ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा:
- उच्च शिक्षा: मुंबई विश्वविद्यालय से एरोनॉटिक्स और एयरोस्पेस साइंस में BSc की डिग्री।
- विदेशी ट्रेनिंग: न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी से पेशेवर उड़ान का प्रशिक्षण लिया।
- लाइसेंस: उनके पास DGCA से प्राप्त कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) और फ्रोजन ATPL था।
करियर और अनुभव
2022 से शांभवी VSR वेंचर्स के साथ जुड़ी हुई थीं। इससे पहले वे मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में फ्लाइट इंस्ट्रक्टर के तौर पर नए पायलटों को तैयार कर चुकी थीं। उनके पास लगभग 1,100 घंटों का फ्लाइंग अनुभव था। सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों में कोई सच्चाई नहीं है कि वे एयरफोर्स की पायलट थीं; वे एक विशुद्ध सिविल एविएशन प्रोफेशनल थीं।
16,000 घंटों का अनुभव भी न काम आया
विमान के ‘पायलट-इन-कमांड’ (PIC) कैप्टन सुमित कपूर उड्डयन जगत का एक जाना-माना और अनुभवी नाम थे। दिल्ली के निवासी सुमित कपूर की उम्र लगभग 40-50 वर्ष थी। वे अपनी कुशलता और शांत स्वाभाव के लिए साथी पायलटों के बीच काफी लोकप्रिय थे।
अनुभव और विशेषज्ञता
कैप्टन सुमित कपूर के पास 15,000 से 16,500 घंटों का विशाल अनुभव था। उन्होंने अपना अधिकांश करियर बिजनेस जेट्स और चार्टर फ्लाइट्स उड़ाने में बिताया था। वे VSR एविएशन के साथ लंबे समय से जुड़े थे और कई वीआईपी उड़ानों को सुरक्षित अंजाम दे चुके थे।
हादसे के दौरान, उन्होंने कोई ‘मेडे’ कॉल नहीं की, जिससे विशेषज्ञ यह अंदाजा लगा रहे हैं कि तकनीकी खराबी इतनी अचानक आई कि उन्हें संभलने का मौका ही नहीं मिला। हालांकि, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज उनकी आखिरी आवाजें विमान की अस्थिरता को बयां कर रही हैं।
क्या रही हादसे की वजह?
28 जनवरी 2026 की सुबह जब Learjet 45 (VT-SSK) ने मुंबई से उड़ान भरी, तो सब कुछ सामान्य था। लेकिन बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग के दौरान विमान क्रैश हो गया। DGCA की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, विमान में किसी बड़े तकनीकी फॉल्ट की संभावना है।
यह VSR वेंचर्स के लिए भी बड़ा झटका है, क्योंकि पिछले 3 सालों में यह कंपनी का दूसरा बड़ा हादसा है। कैप्टन सुमित और शांभवी जैसे अनुभवी क्रू के होने के बावजूद इस दुर्घटना ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक अपूर्णीय क्षति और विरासत
कैप्टन शांभवी पाठक को उनके सहकर्मी एक ऐसी बहादुर महिला के रूप में याद करते हैं जो आकाश को ही अपना घर मानती थीं। वहीं कैप्टन सुमित कपूर को उनकी वरिष्ठता और तकनीकी समझ के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
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