Swami Avimukteshwaranand POCSO case : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में झूंसी थाना क्षेत्र का POCSO मामला इन दिनों खूब चर्चा में है। एडीजे पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ नाबालिग बटुकों (छात्रों) से यौन शोषण के आरोप में FIR पहले ही दर्ज हो चुकी है। अब पीड़ित बटुकों की मेडिकल रिपोर्ट सामने आने से पूरे मामले को नया आधार मिल गया है। रिपोर्ट में जबरन यौन कृत्य की पुष्टि हुई है, जो बेहद गंभीर और चौंकाने वाला है।
क्या है पूरा मामला ?
प्रयागराज के माघ मेले के दौरान शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के शिविर में दो नाबालिग बटुक पहुंचे। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके साथियों पर गुरु दीक्षा के नाम पर यौन शोषण का आरोप लगाया। कोर्ट ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए झूंसी थाने में FIR दर्ज करने का आदेश दिया। FIR में POCSO एक्ट की धारा 3, 4, 5, 6, 9, 16, 17 और BNS की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज है। घटना की अवधि जनवरी 2025 से फरवरी 2026 तक बताई गई है।
बटुकों ने क्या बताया?
दो बटुकों का कहना था – ‘गुरु दीक्षा लो कहकर हमें अविमुक्तेश्वरानंद के सामने पेश किया जाता था। फिर गंदा काम होता था। विरोध करने पर धमकी देते थे कि किसी को बताया तो मार देंगे।’
बटुकों ने दावा किया कि राजस्थान और बिहार से बच्चे लाए जाते थे। करीब 20 अन्य बटुक भी प्रभावित हैं, लेकिन डर के मारे सामने नहीं आ रहे। उन्होंने बताया कि मठ में प्रभावशाली लोग आते-जाते थे। एक कमरा ऐसा है जहां सखियां स्वीमिंग पूल में नहलाती हैं। बटुक मठ से भागकर आशुतोष महाराज के पास पहुंचे और सब कुछ बताया। अब भी उन्हें धमकियां मिल रही हैं।
मेडिकल रिपोर्ट का चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस ने बुधवार को दोनों नाबालिग बटुकों का मेडिकल परीक्षण कराया। रिपोर्ट में जबरन यौन कृत्य (कुकर्म) की पुष्टि हो गई है। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट बेहद गंभीर है, जिससे जांच एजेंसियों को मजबूत सबूत मिल गए हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उनके पास पुख्ता साक्ष्य हैं, अब कड़ी कार्रवाई होगी।

आशुतोष ब्रह्मचारी का बयान
शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने 25 फरवरी 2026 को बयान जारी किया। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास ठोस सबूत हैं। यह धार्मिक संघर्ष का मामला है। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आए।’ उन्होंने दावा किया कि स्वामी और उनके साथी मुकुंदनंद प्रकाश उपाध्याय समेत अन्य लोग इसमें शामिल हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यह साजिश है। ‘वे बटुक कभी हमारे गुरुकुल में नहीं आए। उनके मार्कशीट हरदोई स्कूल के हैं। माघ मेले में CCTV है, सबूत उपलब्ध हैं।’स्वामी जी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उन्होंने आशुतोष महाराज पर पुराने झूठे केस दर्ज कराने का आरोप लगाया।
पुलिस जांच की स्थिति
झूंसी थाना पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। बटुकों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। स्वामी जी की पूछताछ हो सकती है। मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए पूर्ण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई साफ होगी।
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