UP Board Exam 2026 : उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा 2026 चल रही है और छात्र-छात्राएं मेहनत से तैयारी कर रहे हैं। लेकिन कुछ लोग नकल के रास्ते से सफलता पाने की कोशिश कर रहे थे। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मैनपुरी जिले में ऐसे ही एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया। 5 हजार रुपये लेकर पेपर सॉल्व कराने वाले इस गैंग के 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
STF ने कैसे पकड़ा गिरोह
मैनपुरी के थाना बेवर क्षेत्र में श्री महाराज सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, जोत के पास कीकर के जंगल में STF की टीम ने छापा मारा। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान ये लोग बाहर बैठकर छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं लिख रहे थे। STF को गुप्त सूचना मिली थी कि कॉलेज प्रबंधन और शिक्षकों की मिलीभगत से सामूहिक नकल हो रही है।
टीम ने मौके से इंटरमीडिएट गणित की दो अधलिखी उत्तर पुस्तिकाएं, जीव विज्ञान का मूल प्रश्नपत्र, सीटिंग प्लान, अनुपस्थित छात्रों का रिकॉर्ड और कई मोबाइल फोन बरामद किए। सॉल्वर खेत में बैठकर पेपर हल कर रहे थे। यह कार्रवाई सोमवार शाम को हुई और मंगलवार को STF ने पूरी जानकारी जारी की।
गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन हैं?
गिरफ्तार 6 लोगों में स्कूल प्रबंधक का बेटा आशीष सिंह, अध्यापक अरुण कुमार उर्फ टिंकू, अनूप कुमार, सॉल्वर शिव चौहान, अवनीत और अभिजीत सिंह शामिल हैं। इनमें से एक परिषदीय शिक्षक भी है। पुलिस ने बताया कि ये लोग छात्रों से 5 हजार रुपये प्रति पेपर लेते थे और बाहर से सॉल्व करवाकर अंदर भिजवाते थे।
यह गिरोह सिर्फ एक कॉलेज तक सीमित नहीं था। पूरे क्षेत्र में नकल की सेटिंग चल रही थी। अब इनके खिलाफ बेवर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच चल रही है।
कैसे कराते थे ये लोग नकल ?
गिरोह का तरीका काफी स्मार्ट था। कॉलेज प्रशासन कक्ष निरीक्षकों को मैनेज करता था। छात्रों को आसान सीटिंग दी जाती थी। बाहर सॉल्वर तैयार रहते थे। मोबाइल से प्रश्न भेजे जाते, सॉल्व करके उत्तर पुस्तिका अंदर भेज दी जाती। अनुपस्थित छात्रों की कॉपियां भी इस्तेमाल होती थीं।
5 हजार रुपये में पूरा पेपर सॉल्व हो जाता था। कुछ छात्रों के अभिभावक भी इस सेटिंग में शामिल थे। STF के मुताबिक, यह संगठित गिरोह था जो बोर्ड परीक्षा को बर्बाद करने की कोशिश कर रहा था।
STF और पुलिस की सराहनीय कार्रवाई
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने एक बार फिर साबित कर दिया कि नकल माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस है। आगरा STF और भोगांव SDM की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बोर्ड परीक्षाओं को नकल मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। पिछले कुछ सालों में भी STF ने कई बड़े गैंग पकड़े हैं। इस कार्रवाई से अन्य नकल करने वालों को सख्त संदेश गया है कि अब पकड़े जाने पर भारी सजा होगी।
छात्रों और अभिभावकों को क्या सीख मिलनी चाहिए?
यह घटना हमें याद दिलाती है कि मेहनत ही असली सफलता का रास्ता है। नकल से आज पास हो सकते हैं, लेकिन भविष्य में नौकरी और जीवन में मुश्किल आएगी। अभिभावक बच्चों को सही रास्ता दिखाएं। स्कूल प्रशासन को भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। सरकार की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी बढ़ाई गई है। ड्रोन, मेटल डिटेक्टर और वीडियोग्राफी का इस्तेमाल हो रहा है।

