उत्तराखंड में धामी सरकार तोड़ेगी भ्रष्टाचार की कमर
उत्तराखंड में धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार जारी है। सोमवार को प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में “सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी” थीम पर आयोजित अभियान कार्यक्रम की शुरुआत करी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए जीरो टालरेंस की नीति अपना रही है। प्रदेश सरकार के बीते तीन सालों में सतर्कता विभाग 78 भ्रष्टाचारियों और अन्य मामलों में संलिप्त 27 से ज्यादा लोगों को सलाखों के पीछे कर चुका है। तो वहीं उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद से अब तक सतर्कता विभाग कुल 339 भ्रष्ट अधिकारियों को अब तक गिरफ्तार कर चुका है। इस अभियान को कड़े स्तर पर नवंबर माह तक चलाने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न केवल सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी अभियान की शुरुआत करी बल्कि अधिकारियों को सत्यनिष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की भी शपथ दिलवाई।
भ्रष्टाचारियों को नहीं दी जाएगी रियायत
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीधे तौर पर कहा है कि भ्रष्टाचारीयो को कोई भी रियायत नहीं दी जाएगी। वहीं उत्तराखंड राज्य में भ्रष्टाचार को किसी भी रुप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो भी इस दलदल में लिप्त पाया जाएगा उस पर उचित कानूनी कार्रवाई करी जाएगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए 1064 यह टोल फ्री नंबर संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 62 शिकायतों पर ट्रैप और 4 शिकायतों पर खुली जांच भी करी जा रही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सभी विभाग इस जनजागरूकता अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करें। वहीं राज्य मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि यदि शासन-प्रशासन को मजबूत बनाना है तो सभी कर्मिकों को अपने कार्यों में सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन को हमकदम बनाए रखना होगा। कार्य के प्रति कर्मनिष्ठा और अनुशासन रखने से भ्रष्टाचार स्वत: ही समाप्त हो जाता है। इस कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल फैनई, निदेशक सतर्कता वी मुरुगेशन समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

