उत्तराखंड में मानसून की अफरा-तफरी
उत्तराखंड में मानसून आफत बन कर बरस रहा है, जहां एक ओर पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन जैसी आपदाएं दस्तक दे रही हैं, तो वहीं प्रदेश की राजधानी समेत अन्य मैदानी जिलों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। वहीं इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आपदाग्रस्त चिपलघाट और कलगड्डी गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हर संभव मदद का भरोसा दिया। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री और सरकार के सामूहिक प्रयासों से मात्र 48 घंटे में बेली ब्रिज कलगड्डी पहुंचा दिया गया है। आने वाले कुछ दिनों में नया और मजबूत पुल तैयार हो जाएगा, जिससे आवागमन में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने लिया आपदाग्रस्त क्षेत्रों का जायजा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सबसे पहले प्रभावित लोगों की जान बचाना और फिर उन्हें राहत सामग्री, आवास व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राहत और पुनर्वास कार्य तेजी से जारी हैं तथा पूरी सरकार, प्रशासन और प्रदेशवासी पीड़ितों के साथ खड़े हैं। भाजपा के जिला अध्यक्ष कमल किशोर ने भी बताया कि पार्टी और सरकार लगातार आपदा पीड़ित परिवारों से मिल रही है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है, ताकि इस कठिन समय में उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
हरिद्वार में बढ़ा मां गंगा का जलस्तर
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाको में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी देखा जा रहा है। हरिद्वार में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद नदी नाले उफान पर है वहीं गंगा का जल स्तर भी भी बढ़ गया है। हरिद्वार स्थित भीमगोडा बैराज से बहने वाली गंगा चेतावनी स्तर के पार पहुंच गई है। गंगा 293.10 मीटर पर बह रही है। जबकि चेतावनी स्तर 293 है गंगा 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही गंगा के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए निचले इलाकों को अलर्ट किया गया है।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

