उत्तराखंड में स्वतंत्रता बलिदानियों के प्रति सम्मान
उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी है, वर्तमान समय में उत्तराखंड राज्य अपने रजत वर्ष में प्रवेश कर चुका है लेकिन यह राज्य स्वतंत्रता सेनानियों के लहू और बलिदान की वह जागृत थाती है जो उनके जाने के बाद भी उनके परचम और साहस के किस्से अपने कण-कण में पिरोए हुए है। वहीं, उत्तराखंड में स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धानी ने एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी देहरादून समेत पौड़ी गढ़वाल और पिथौरागढ़ के चार विद्यालयों के नाम परिवर्तित कर उन्हें बलिदानियों के नाम पर रख दिया है।
मुख्यमंत्री धामी नें बदले चार विद्यालयों के नाम
उत्तराखंड राज्य को अलग पहचान दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान दिखाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के पश्चात राजधानी देहरादून में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैंद्रथ चकराता का नाम पंडित सैराम राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किया गया है। जबकि वहीं, मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद अब राजकीय इंटर कालेज चिपलघाट पौड़ी गढ़वाल को बलिदानी श्री भगत सिंह रावत राजकीय इंटर कालेज चिपलघाट पौड़ी गढ़वाल किया जाएगा। वहीं राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुण्डेरगांव पौड़ी गढ़वाल को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व.कुंवर सिंह रावत राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुण्डेरगांव पौडी गढ़वाल किया गया है। इसके अतिरिक्त राजकीय इंटर कालेज डीडीहाट पिथौरागढ़ का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व.श्री माधों सिंह जंगपांगी जीआईसी डीडीटाट पिथौरागढ़ किया गया है।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

