हल्द्वानी में निकाय चुनाव हुआ रोमांचक, बंशीधर और सुमित हृदयेश की आमने सामने की टक्कर

उत्तराखंड में निकाय चुनाव के लिए मतदान आज सुबह 8 बजे से शुरु हो चुके हैं, जहां एक ओर मतदाता अपने मत से अपने चहेते प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न पर मुहर लगा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर समर्थकों और प्रत्याशियों में भी भरपूर उत्साह नजर आ रहा है। हल्द्वानी में निकाय चुनाव को लेकर माहौल काफी रोमांचक हो चुका है, चूंकि हल्द्वानी में मुख्य मुकाबला दो ही राष्ट्रीय दलों भाजपा व कांग्रेस के बीच ही नजर आ रहा है, प्रदेश में दोनों दलों ने निकाय चुनाव को लेकर प्रचार में एड़ी-चोटी का जोर झोंक दिया है। हल्द्वानी निकाय चुनाव में मेयर पद के लिए भाजपा के गजराज सिंह बिष्ट और कांग्रेस के ललित जोशी के बीच काफी कड़ा मुकाबला है। गजराज सिंह बिस्ट पिछले 10 सालों से निगम में भाजपा के ही मेयर के रुप में कार्यरत हैं।

 

वहीं दूसरी ओर इस चुनाव में मुख्य रूप से दो विधायकों की प्रतिष्ठा भी दांव में लगी है, जहां एक ओर कांग्रेस के हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश हैं तो वहीं दूसरी ओर भाजपा के कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत हैं, दोनों ही प्रत्याशी पूर्व में छात्रनेता रह चुके हैं। बंशीधर भगत अपने आप में ही एक बहुत बड़ा नाम हैं चूंकि पिछले निगम चुनाव में मेयर के टिकट से लेकर चुनाव में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व विधायक बंशीधर भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और निवर्तमान मेयर डा. जोगेंद्र रौतेला भी उनके करीबी माने जाते हैं, और पूर्व में वह कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं, लिहाजा जिला स्तर पर बंशीधर भगत राजनीतिक मंच में एक ऊंचा औहदा रखते हैं।

बंशीधर भगत हैं एक मंझे हुए राजनीतिक खिलाड़ी

 

बंशीधर भगत न केवल राजनीती के प्रख्यात नेता हैं, बल्कि चुनावी रणनीति में भी उनसे पार पाना इतना संभव नहीं है। लिहाजा यही कारण है कि बंशीधर भगत ने इसबार बड़ा पासा फेंका है, साफ है कि इस बार कुमांऊ के सबसे प्रमुख शहर हल्द्वानी में मेयर की सीट को लेकर उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर रहेगी । वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के लिए अभिमन्यु साबित होने वाले मेयर प्रत्याशी ललित जोशी भी एक पंहुचे हुए राजनीतिज्ञ हैं। सुमित हृदयेश की बात करें तो चाहे बात हल्द्वानी सीट की हो या फिर जिला स्तर की सुमित हृदयेश भी एक बड़ा राजनीतिक कद रखते हैं। वह जिले की छह विधानसभा सीटों में एकमात्र कांग्रेस के विधायक हैं।

हल्द्वानी पूर्व से ही रहा है कांग्रेस का गढ़

अगर देखा जाए तो हल्द्वानी कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है। सुमित हृदयेश की माता स्वर्गीय डा. इंदिरा हृदयेश की शहर में मजबूत स्थिति रही है, वह कांग्रेस की दिग्गज नेताओं में से एक का औहदा रखती हैं।इसी वजह से भी सुमित हृदयेश के लिए भी यह सीट राजनीतिक रूप से भी प्रतिष्ठा की रहेगी। लिहाजा दोनों प्रत्याशियों में से कौन हल्द्वानी को फतेह करेगा यह तो मतदान के बाद ही निश्चित किया जा सकेगा। अब देखना यह होगा कि इस रोमांचक चुनावी रण में हल्द्वानी निकाय चुनाव में किसका सिक्का बुलंद रहेगा।

 

 

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