देहरादून में बादल फटने से तबाही
देहरादून में देर रात बादल फटने से मची तबाही ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस आपदा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। सूचना है कि कई मजदूर पानी में बह गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं और जवान अपनी जान पर खेलकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने में लगे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की आशंका जताते हुए देहरादून, चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में भी तेज बारिश का पूर्वानुमान है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 21 सितंबर तक उत्तराखंड में तेज दौर की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहेगा।

जखन नदी पुल टूटा, 10 की मौत, कई बहे
देहरादून में मूसलाधार बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रेमनगर परवल टॉस नदी में अचानक पानी बढ़ने से 10 मजदूर बह गए, जिनमें से छह की मौत की पुष्टि हो चुकी है और शवों को प्रेमनगर अस्पताल लाया गया है। वहीं सहस्त्रधारा क्षेत्र से बहकर आए तीन मृतकों को कोरोनेशन अस्पताल में रखा गया है, जबकि एक व्यक्ति की मौत नया गांव क्षेत्र में हुई है। वर्तमान में नया गांव चौकी क्षेत्र में पुलिस पंचायतनामा की कार्रवाई कर रही है। इस बीच डोईवाला की जखन नदी पर बना पुल का एक हिस्सा टूटकर बह गया है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है और यातायात बाधित हो गया है। बारिश से लगातार बिगड़ते हालात प्रदेश में आपदा की गंभीर तस्वीर पेश कर रहे हैं।
देवभूमि इंस्टिट्यूट में जलभरावॉ, 200 छात्रों का सफल रेस्क्यू
देहरादून के पौंधा स्थित देवभूमि इंस्टिट्यूट में देर रात भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें करीब 200 छात्र-छात्राएं परिसर में फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय, देहरादून से रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और त्वरित अभियान संचालित किया। जलभराव के बीच टीम ने सूझबूझ और तत्परता से काम करते हुए सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। एसडीआरएफ उत्तराखंड का यह रेस्क्यू अभियान पूरी तरह सफल रहा और छात्रों व उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।
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लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

