उत्तराखंड में 1 नवंबर से ई-केवाईसी अनिवार्य, नहीं कराने पर बंद होगा सरकारी राशन

उत्तराखंड में 1 नवंबर से ई-केवाईसी अनिवार्य

उत्तराखंड में जिन राशन कार्ड उपभोक्ताओं ने ई-केवाइसी नहीं करवाई है उन्हे 1 नवंबर से सरकारी राशन से वंचित रखा जा सकता है। जिला पूर्ति विभाग की ओर से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया। दरअसल, वर्तमान समय मे जिला पूर्ति विभाग की ओर से राशन वितरण को तीन वर्गों में बांटा गया है, जिसमें, सामान्य, बीपीएल एवं केंद्र सरकार द्वारा पोषित अंत्योदय योजना शामिल है। हांलाकि, जिला पूर्ति विभाग ने पहले भी उपभोक्ताओं को ई-केवाइसी करवाने के निर्देश दिए थे लेकिन अब तक राज्य के मात्र 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही ई-केवाइसी करवाई है। यही कारण है कि जिला पूर्ति विभाग ने आदेश के कड़े पालन को लेकर एक बार फिर उपभोक्ताओं को सख्त आदेश देकर सूचित किया है कि जो उपभोक्ता सरकारी राशन का लाभ ले रहे हैं उन राशन कार्ड धारकों एवं उसके अंतर्गत के सभी सदस्यों को राशन विक्रेता की दुकान पर जाकर बायोमैट्रिक के जरिए ई केवाइसी करानी होगी। ताकि राज्य सरकार के पास हर महीने राशन लेने वाले उपभोक्ताओं का सही आंकड़ा मौजूद रहे और राशन की कालाबाजारी पर नकेल कसी जा सके।

 

जल्द करवानी होगी ई-केवाइसी

जिला पूर्ति विभाग की ओर से जारी हुए सख्त निर्देश की विवेचना करते हुए DSO केके अग्रवाल ने बताया कि इस व्यवथा को 1 नवंबर से लागू किया जाना है। इसके फलस्वरुप जिन उपभोक्ताओं एंव उनके सदस्यों ने ई-केवाइसी नहीं करवाई होगी वह सरकारी राशन का लाभ नहीं ले पाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान समय में उत्तराखंड सरकार की ओर से संचालित होने वाले राशन कार्ड धारकों की संख्या 3.75 लाख है जबकि उभोक्ताओं की संख्य इसकी भी दोगुनी तकरीबन 7 लाख है। अभी तक सरकार द्वारा इस व्यवस्था पर अधिक जोर नहीं दिया गया था लेकिन अब सरकार इस पर अधिक बल देते हुए इस नियम को लागू करने वाली है।

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