Drug factory : महाराष्ट्र के पालघर जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहां नालासोपारा के पेल्हार इलाके में छिपी हुई एक ड्रग्स फैक्ट्री पर छापा मारा गया। यह फैक्ट्री पिछले 6 महीनों से गुप्त रूप से काम कर रही थी, जहां नशीला पदार्थ एमडी (मेफेड्रोन) बनाया जा रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 13 करोड़ 45 लाख रुपये कीमत का ड्रग्स और कच्चा माल बरामद किया।
ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ कैसे हुआ?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रशीद कंपाउंड के टोल्किन परिसर में कुछ लोग रासायनिक पदार्थों से एमडी ड्रग्स बना रहे हैं। तिलक नगर पुलिस स्टेशन की नारकोटिक्स टीम ने इस सूचना पर जाल बिछाया और मौके पर पहुंचकर छापा मार दिया। फैक्ट्री में ड्रग्स बनाने की पूरी प्रक्रिया चल रही थी। आरोपी रंगे हाथों पकड़े गए। पुलिस ने मौके पर 6.7 किलोग्राम एमडी ड्रग्स और 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का रॉ मटेरियल जब्त किया।
करोड़ों की एमडी ड्रग्स जब्त
इस छापे में पुलिस को भारी मात्रा में सामान मिला। लगभग 7 किलो एमडी ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 13 करोड़ 45 लाख 43 हजार रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा, ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायन, मशीनरी और अन्य सामान की कीमत भी करोड़ों में है। एमडी एक सिंथेटिक ड्रग है, जो युवाओं में बहुत तेजी से फैल रही है। इसे ‘म्याऊ म्याऊ’ या ‘पार्टी ड्रग’ भी कहते हैं। यह दिमाग पर बुरा असर डालती है और लत लगने पर जानलेवा साबित हो सकती है। जब्त माल को एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त किया गया है। यह कार्रवाई नशे के काले कारोबार को झटका देगी।
गिरफ्तारियां और फरार आरोपी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें फैक्ट्री के संचालक अय्यूब अली भी शामिल हैं, जो एसएससी ड्रॉपआउट है। पूछताछ से पता चला कि यह गिरोह घाटकोपर से नालासोपारा तक ड्रग्स का नेटवर्क चला रहा था। आरोपी कई राज्यों में ड्रग्स सप्लाई करते थे। अभी 4 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश तेजी से की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ से बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। एक आरोपी दुबई से ऑपरेट कर रहा था, जो अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन दिखाता है। सभी आरोपी कोर्ट में पेश किए जाएंगे।
नरकोटिक्स टीम ने चलाया ऑपरेशन
यह सफलता डीसीपी जोन-6 समीर शेख के मार्गदर्शन में हुई। एसीपी और तिलक नगर पुलिस की विशेष नारकोटिक्स टीम ने मिलकर यह ऑपरेशन चलाया। मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल भी इसमें शामिल थी। यह ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान का हिस्सा है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर जुटी है।
नशे के खतरे और जागरूकता
एमडी जैसी ड्रग्स युवाओं को बर्बाद कर रही हैं। यह न सिर्फ सेहत खराब करती है, बल्कि अपराध की दुनिया में धकेल देती है। समाज को नशे के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। अभिभावक बच्चों पर नजर रखें और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाएं।

