Delhi Cloud Seeding

Delhi Cloud Seeding: दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली, क्लाउड सीडिंग की कोशिश भी रही नाकाम

Delhi Cloud Seeding: दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार जरूर दर्ज हुआ है, लेकिन राजधानी की हवा अब भी लोगों के लिए जहरीली बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 261 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। मंगलवार को यह 294 और सोमवार को 301 था।

शहर के 38 निगरानी स्टेशनों में से 11 में AQI का स्तर 300 से ऊपर रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में गिना जाता है। वहीं, सुबह 6 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, 12 इलाकों में रेड अलर्ट और 22 इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

प्रदूषण के आंकड़े

  • दिल्ली का औसत AQI: 261
  • अक्षरधाम क्षेत्र का AQI: 307 (‘बहुत खराब’ श्रेणी)
  • हरियाणा के नॉल्था का AQI: 708 (‘गंभीर’ श्रेणी)
  • अमृतसर का AQI: 548 (‘बहुत खराब’ श्रेणी)

CPCB के मानकों के अनुसार

0–50: अच्छा | 51–100: संतोषजनक | 101–200: मध्यम | 201–300: खराब | 301–400: बहुत खराब | 401–500: गंभीर

NCR में प्रदूषण पर सख्ती

दिल्ली और NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बड़ा कदम उठाया है। CAQM ने घोषणा की है कि 1 नवंबर से दिल्ली में शहर के बाहर रजिस्टर्ड सभी वाणिज्यिक मालवाहक वाहन, जिनका इंजन BS-VI मानक का नहीं है, वो राजधानी में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

यह फैसला डीजल वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे पहले भी CAQM ने NCR के ढांचे के तहत वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कई नए दिशा-निर्देश जारी किए थे।

क्लाउड सीडिंग की कोशिश रही अधूरी

सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश का प्रयोग किया, लेकिन यह प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो सका। जिन इलाकों में बारिश की उम्मीद थी, वहां बादलों में नमी की कमी के कारण बारिश नहीं हुई।

दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का काम IIT कानपुर की टीम द्वारा किया जा रहा है। बीते दिन कानपुर से उड़ान भरकर एयरक्राफ्ट ने यह प्रयोग किया और शाम तक सीडिंग की प्रक्रिया पूरी कर दी गई थी। विशेषज्ञों का अनुमान था कि कुछ ही घंटों में बारिश शुरू हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

IIT कानपुर के इस प्रयोग में मंगलवार को 14 फ्लेयर्स दागे गए, जिनमें 20 प्रतिशत सिल्वर आयोडाइड और बाकी रॉक सॉल्ट व सामान्य नमक का मिश्रण शामिल था। वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि हवा में पर्याप्त नमी होती, तो इस कृत्रिम बारिश के जरिए प्रदूषण को कुछ हद तक कम किया जा सकता था।

स्वास्थ्य पर असर

बढ़ते प्रदूषण का असर अब सीधे लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। कई लोग सांस लेने में परेशानी, गले में खराश और आंखों में जलन जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग ज़रूरत न हो तो घर से बाहर न निकलें और बाहर जाने पर मास्क का प्रयोग करें।

मौसम विभाग का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि बुधवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 18.2°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक है। अधिकतम तापमान 28°C के आसपास रहने की संभावना है। सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 89% रिकॉर्ड किया गया और दिन में हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान है।

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