उत्तराखंड में फ्रंट लाइन वर्करस को दस जनवरी से लगेगी बूस्टर डोज

उत्तराखंड में लगातार कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोत्तरी होती जा रही है बीच में कुछ समय संक्रमण का खतरा थम जाने के बाद अब फिर से संक्रमितों की संख्या में भारी उछाल देखने को मिल रही है।

इसी के तहत संक्रमण के खतरे से रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा 15 से 18 वर्ष के किशोरों को भी कोरोनारोधी वैक्सीन लगाने का फैसला कर दिया गया है, किशोरों को वैक्सीन लगनी शुरु हो चुकी है, वहीं प्रथम चरण के कोरोना योद्धाओं को भी कोरोना व इसके नए वैरिएंट ओमिक्रोन से बचने के लिए 10 जनवरी से बूस्टर डोज लगना शुरु हो जाएगा।

दरअसल फ्रंट लाइन वर्करस भी कोरोना के नए वैरिएंट की चपेट में आने लग गए है, यहां तक की डॉक्टर और लैब में काम करने वाले तकनीशियन भी संक्रमण की चपेट में आ रहे है। फ्रंट लाइन वर्करस के संक्रमित होने पर स्वास्थ्य विभाग से लेकर प्रशासन तक सभी की चिंता बढ़ गई है, जिसे देख स्वास्थ्य विभाग ने फ्रंट लाइन के सभी वर्करस को बूस्टर डोज लगाने के निर्देश दे दिए है।

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प्रदेश में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं व फ्रंट लाइन वर्करस की संख्या 3.08 लाख के लगभग है, जिसमें से 2.95 लाख वर्करस को कोरोनारोधी वैक्सीन लग चुकी है, वहीं दोनों डोज लगे हुए व्यक्तियों को ही बूस्टर डोज लगाई जाएगी, साथ ही दोनों लगी वैक्सीन में छह माह का अंतर होने पर ही बूस्टर डोज लगेगी।

सिमरन बिंजोला

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