Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ में नेशनल हेराल्ड मामले में कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस ने केंद्र की BJP सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज कर दिया है। 20 दिसंबर को मुंगेली जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने BJP जिला कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बाद में महात्मा गांधी और राहुल गांधी की फोटो सड़क पर फेंकी मिलने से बड़ा विवाद हो गया। BJP ने इसे राष्ट्रपिता का अपमान बताया, जबकि कांग्रेस ने आरोपों को साजिश करार दिया। दोनों पार्टियां निष्पक्ष जांच की मांग कर रही हैं।

‘गांधी परिवार को राजनीतिक प्रतिशोध के तहत बनाया गया निशाना‘
नेशनल हेराल्ड मामले में कोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट खारिज कर दी। कांग्रेस इसे सत्य की जीत बता रही है और कह रही है कि BJP ने राजनीतिक बदले की भावना से गांधी परिवार को निशाना बनाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर सभी जिलों में BJP कार्यालयों का घेराव किया गया। मुंगेली में जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे। भिलाई विधायक और एआईसीसी सचिव देवेंद्र यादव भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और BJP के खिलाफ नारेबाजी की।
देवेंद्र यादव ने कहा, ‘कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने साफ कर दिया है कि गांधी परिवार को राजनीतिक प्रतिशोध के तहत निशाना बनाया गया। बिना आधार के सालों तक मानसिक और कानूनी प्रताड़ना दी गई। BJP ने ईडी जैसी संस्थाओं को हथियार बनाकर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की, लेकिन पर्दाफाश हो गया।’

गांधी जी की फोटो पर विवाद
प्रदर्शन खत्म होने के बाद BJP कार्यालय के पास सड़क पर महात्मा गांधी और राहुल गांधी की फोटो युक्त बैनर और पोस्टर फेंके मिले। BJP ने इसे कांग्रेस की करतूत बताते हुए राष्ट्रपिता का अपमान कहा। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता जाते समय ये सामग्री फेंककर चले गए, जो राष्ट्रीय अपमान है। इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिससे हलचल मच गई।
बीजेपी पदाधिकारियों ने कहा कि यह घटना कांग्रेस की गांधीवादी विचारधारा से दूरी दिखाती है। एक बीजेपी नेता ने बयान दिया, ‘कांग्रेस राष्ट्रपिता का नाम लेकर राजनीति करती है, लेकिन उनके चित्र का अपमान कर रही है। यह देश का अपमान है। हम निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।’

कांग्रेस पार्षद का कदम और जांच की मांग
विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षद अरविंद वैष्णव मौके पर पहुंचे और खुद सड़क पर पड़े बैनर-पोस्टर उठाए। वैष्णव ने कहा, ‘यह साजिश हो सकती है। हमारे कार्यकर्ता ऐसा नहीं कर सकते। हम गांधी जी का सम्मान करते हैं। अगर कोई गलती हुई तो जांच होनी चाहिए।’ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP खुद विवाद पैदा कर रही है ताकि प्रदर्शन से ध्यान हटे।
दोनों पार्टियों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज की है और जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक प्रदर्शन में ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
https://hnn24x7.com/up-bjp-meeting/
राजनीतिक महत्व
यह घटना छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। कांग्रेस नेशनल हेराल्ड फैसले को BJP की हार बता रही है, जबकि BJP इसे कांग्रेस की असली सूरत बता रही है। प्रदेश में कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में है और ऐसे प्रदर्शनों से अपनी एकजुटता दिखा रही है। लेकिन फोटो विवाद ने उनके अभियान को झटका दिया है। https://youtube.com/shorts/Pk5kOzNCLkk?feature=share
विशेषज्ञों का कहना है कि गांधी जी की छवि भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण है, और इसका अपमान किसी भी पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकता है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे राजनीतिक बहस को और तेज कर सकते हैं। कांग्रेस ने आगे भी विरोध जारी रखने का ऐलान किया है।

