Tigress Relocation: राजस्थान के बूंदी जिले स्थित रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया है। यह राजस्थान में बाघ ट्रांसलोकेशन का पहला सफल मामला है, जिसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह बाघिन, जिसका कोड नाम पीएन-224 है, पिछले कुछ दिनों से पेंच टाइगर रिजर्व में छिपी हुई थी। इस बाघिन को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए एक जटिल अभियान चलाया गया। यह अभियान 28 नवंबर से शुरू हुआ था, जिसमें पेंच टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों और विशेषज्ञों की टीम ने कड़ी मेहनत की। चार दिन तक जंगल में आठ हाथियों के साथ बाघिन को ट्रैक किया गया, लेकिन वह बार-बार बच निकलने में सफल हो रही थी। इसके बाद, बाघिन को ट्रैंकुलाइज (बेहोश) कर पिंजरे में कैद किया गया।

सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद बाघिन को भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टर एमआई-17 में ले जाया गया। हेलिकॉप्टर ने बाघिन को लेकर जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड किया, और फिर सड़क मार्ग से उसे रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व भेजा गया। इस पूरी प्रक्रिया को अत्यधिक सुरक्षा के साथ किया गया, ताकि बाघिन को कोई नुकसान न हो।
इस ट्रांसलोकेशन के लिए लगभग 25 दिनों से विशेषज्ञों की टीम पेंच टाइगर रिजर्व में डेरा डाले हुए थी। इस दौरान बाघिन की लोकेशन ट्रैक करने के लिए 50 से ज्यादा कैमरे लगाए गए थे और रेडियो कॉलर की मदद भी ली गई थी। बाघिन का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया था।

रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघिन को विशेष निगरानी में रखा जाएगा। उसे बजालिया एंक्लोजर में रखा जाएगा, जहां उसकी सेहत और मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जाएगी। राजस्थान में यह पहला बाघ ट्रांसलोकेशन सफल रहा है। इससे पहले 2008 में ओडिशा में बाघ ट्रांसलोकेशन का प्रयास असफल हो चुका था।
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