Magh Mela 2026: कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रयागराज में माघ मेला 2026 का शुभारंभ हो गया है। ठंड के बीच पौष पूर्णिमा के पहले दिन स्नान करने के लिए संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंची। मेला प्रशासन के अनुसार, आज 20 से 30 लाख श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा सकते हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि माघ मेले में 10,000 फुट क्षेत्र में 10 स्नान घाट बनाए गए हैं, जबकि 2023-24 में 8,000 फुट क्षेत्र में स्नान घाट बनाए गए थे।
75 साल बाद बना दुर्लभ शुभ संयोग
इस वर्ष माघ मेले में 75 वर्षों बाद एक दुर्लभ शुभ संयोग बन रहा है। पौष पूर्णिमा से ही श्रद्धालुओं ने कल्पवास का संकल्प लेना शुरू कर दिया है। कल्पवास पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक चलता है। इस दौरान कल्पवासी संगम की रेती पर रहकर एक महीने तक जप, तप, व्रत और साधना करते हैं। हर वर्ष लगभग 20 से 25 लाख कल्पवासी इस कठिन साधना में भाग लेते हैं।

पौष पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व
पौष पूर्णिमा को पितरों की पूर्णिमा भी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान, व्रत और पूजा-पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। श्रद्धालु इस दिन अन्न, वस्त्र, फल और कंबल का दान करते हैं।
44 दिनों तक चलेगा माघ मेला
यह ऐतिहासिक माघ मेला 44 दिनों तक चलेगा। प्रशासन के अनुसार, मेला अवधि में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है। मेला क्षेत्र को 800 हेक्टेयर में फैलाकर सात सेक्टरों में बसाया गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए
- 8 किलोमीटर लंबा स्नान घाट
- 7 पांटून पुल
- 160 किलोमीटर चेकर्ड प्लेट मार्ग
- 3800 रोडवेज बसें और 42 पार्किंग स्थल
- 75 ई-बसें और 500 से ज्यादा ई-रिक्शा
भव्य सजावट बनी आकर्षण का केंद्र
महाकुंभ मॉडल पर आधारित टेंट सिटी में मेला बसाया गया है। रात के समय संगम क्षेत्र में एलईडी लाइट से सजी नावें, रंग-बिरंगे फव्वारे और घाटों पर बने कलर-कोडेड चेंजिंग रूम अद्भुत दृश्य पेश कर रहे हैं।
सुरक्षा और स्वास्थ्य के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, 17 अस्थायी थाने, 42 पुलिस चौकियां, एटीएस की तैनाती और 17 फायर स्टेशन के इंतजाम किए गए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए
20-20 बेड के दो अस्पताल, 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 50 एंबुलेंस, तथा आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक अस्पतालों का प्रबंध किया गया है।
स्वच्छता और सुविधाओं पर खास ध्यान
मेला क्षेत्र में 25 हजार शौचालय, 8 हजार डस्टबिन, 30 सक्शन मशीनें और 3 हजार से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं।
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