World’s Largest Shivling: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में बन रहे विराट रामायण मंदिर में विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। इस शिवलिंग का हाल ही में गोपालगंज में आगमन हुआ, जहां इसे देखने और पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। यह शिवलिंग अभी यूपी से होते हुए बिहार की सीमा में प्रवेश कर चुका है।
विराट रामायण मंदिर का निर्माण
मोतिहारी के कैथवलिया क्षेत्र में विराट रामायण मंदिर का निर्माण हो रहा है। इस मंदिर की नींव बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति द्वारा रखी गई थी, और शिलान्यास 20 जून 2023 को बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के तत्कालीन अध्यक्ष आईएएस किशोर कुणाल ने किया था। शिलान्यास के बाद से मंदिर का प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, गर्भगृह और अन्य निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं।
यह मंदिर 270 फीट ऊंचा, 540 फीट चौड़ा और 1080 फीट लंबा होगा, और इसका क्षेत्रफल करीब 120 एकड़ में फैला होगा। मंदिर के निर्माण में वृहद शिवलिंग की स्थापना का कार्य भी हो रहा है, जो मंदिर की सबसे बड़ी खासियत होगी।
विशाल शिवलिंग की निर्माण प्रक्रिया
इस विशालकाय शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम में किया गया है। इसे एक ही ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है और इसकी ऊंचाई करीब 33 फीट है। इस शिवलिंग को बनाने में करीब 10 साल का समय लगा और इसकी लागत लगभग 3 करोड़ रुपये आई। इस विशालकाय शिवलिंग की खासियत यह है कि यह न केवल आकार में विशाल है, बल्कि रामायण काल के आध्यात्मिक महत्व को भी दर्शाता है।
शिवलिंग को भारत के दक्षिणी हिस्से से बिहार लाने में विशेष तकनीकी चुनौतियाँ आईं, क्योंकि इसका वजन करीब 210 मीट्रिक टन है। इसे लाने के लिए 96 चक्कों वाला एक विशेष ट्रक डिजाइन किया गया, जो इसे धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से गोपालगंज तक लेकर आया।
श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
जब यह विशाल शिवलिंग गोपालगंज के बलथरी चेकपोस्ट पर पहुंचा, तो वहां श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का तांता लग गया। लोग दूर-दूर से इसे देखने और पूजा करने के लिए आए। पुलिसकर्मियों ने भी श्रद्धालुओं का स्वागत किया और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की।
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