Bihar News: बिहार के बिहटा, पटना इलाके में अंधविश्वास के चलते एक महिला की खौफनाक हत्या का मामला सामने आया है। पड़ोसियों ने जूही देवी (32 वर्ष) पर डायन होने का आरोप लगाया और लोहे की रॉड और लाठियों से उसे पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
महिला को बचाने आए उनके परिवार के पांच अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला?
बिहटा, पटना के बाजितपुर गांव में 32 वर्षीय जूली देवी अपने मायके आई हुई थीं। इसी दौरान पड़ोस के एक परिवार में छह महीने के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
बच्चे की मौत को लेकर परिजनों ने अंधविश्वास के चलते जूली देवी पर डायन होने का आरोप लगा दिया। ग्रामीणों का मानना था कि महिला के कारण उनके घर में दुर्भाग्य आया है और उनके बच्चे की मौत हुई।
इसके बाद गांव के कुछ लोगों ने जूली देवी और उनके परिवार पर हमला कर दिया। महिला को लोहे की रॉड और लाठियों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया, जबकि उनकी मदद को आए परिवार के पांच सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है।
अंधविश्वास से जुड़ी घटनाओं का सिलसिला
बिहार में यह घटना अंधविश्वास से प्रेरित हिंसा की नई मिसाल है। इससे पहले नवादा जिले में भी एक 35 वर्षीय महिला किरण देवी को पड़ोसियों ने ‘डायन’ होने का आरोप लगाकर पीट-पीटकर मार दिया था। ऐसे मामलों में अक्सर परिवार और समुदाय के बीच झड़पें भी होती हैं।
कानूनी और सामाजिक पहल
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास और सामाजिक तनाव हिंसा के मुख्य कारण हैं। भारत के कई राज्यों में जादू-टोनाविरोधी कानून लागू हैं, लेकिन उनका कड़ाई से पालन नहीं होता।
सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकार संगठन बार-बार चेतावनी देते हैं कि जादू टोना के मामलों के खिलाफ शिक्षा और जागरूकता को बढ़ाना व वैज्ञानिक सोच को और फैलाना होगा। वहीं कड़ी कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था भी सुचारु रुप से लागू करनी होगा ताकि भविष्य में ऐसे खौफनाक मामलों को रोका जा सके।
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