Pinky Mali

जानिए कौन थीं डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ विमान हादसे का शिकार हुईं Pinky Mali?

Pinky Mali: महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे ने न केवल राजनीति जगत को स्तब्ध किया है, बल्कि एक ऐसे परिवार के चिराग को बुझा दिया, जिसने गरीबी और संघर्ष से लड़कर आसमान छुआ था। इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ जौनपुर की बेटी और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली का भी निधन हो गया।

पिता के संघर्ष से शुरू हुआ था एयरहोस्टेस बनने का सपना

पिंकी की सफलता की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं थी। उनके पिता, शिव कुमार माली, कभी दिल्ली एयरपोर्ट पर ड्राई क्लीनर का काम करते थे। 1989 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह के विमान की सफाई में हुई एक छोटी सी चूक के कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था।

पिता के दिल में यह कसक हमेशा रही। पिंकी ने जब यह कहानी सुनी, तो उसने ठान लिया कि वह उसी एविएशन सेक्टर में अपना नाम बनाएगी, जहाँ से उसके पिता को निकाला गया था। पिंकी ने न केवल अपना सपना पूरा किया, बल्कि पिछले 5 साल से चार्टर्ड फ्लाइट्स में काम कर रही थीं।

पिंकी के पिता ने नम आँखों से बताया कि मंगलवार शाम उनकी पिंकी से आखिरी बार बात हुई थी। पिंकी ने बताया था कि वह अगले दिन सुबह डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ बारामती और फिर वहां से नांदेड़ के लिए उड़ान भरेगी। बुधवार सुबह जब टीवी पर विमान क्रैश की ब्रेकिंग न्यूज़ चली, तो परिवार के पैरों तले ज़मीन खिसक गई।

गांव में मातम, सबकी आँखें नम

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के भैंसा गांव (केराकत) में जैसे ही पिंकी के निधन की खबर पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

  • मिलनसार स्वभाव: पिंकी महज दो महीने पहले ही गांव आई थीं। उनके चाचा चंद्रसेन माली बताते हैं कि वह भतीजी नहीं, बल्कि बेटी जैसी थीं।
  • परिवार: पिंकी शादीशुदा थीं और अपने पति के साथ पुणे में रहती थीं। मुंबई में उनकी बहन प्रीति और भाई करण रहते हैं।

एक चमकता सितारा बुझ गया

पिंकी की दादी ने रोते हुए बताया कि जब वह मंदिर से लौटीं, तब उन्हें इस अनहोनी का पता चला। पिंकी का परिवार अब आधिकारिक जानकारी का इंतज़ार कर रहा है, लेकिन जौनपुर से लेकर मुंबई (वर्ली) के फ्लैट तक, हर कोई इस होनहार बेटी के जाने से दुखी है।

पिंकी माली ने साबित किया था कि एक माली की बेटी भी आसमान की ऊंचाइयों को छू सकती है, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

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