Barsana Ropeway: उत्तर प्रदेश के बरसाना में राधा रानी के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के लिए राहत की खबर है। एक सप्ताह से बंद पड़ा रोपवे अब फिर से शुरू हो गया है, और इस बार इसे और भी हाईटेक बना दिया गया है ताकि भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
7 दिनों तक मरम्मत कार्य के बाद, रविवार से रोपवे का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया। इस दौरान रोपवे की ट्रॉलियों की संख्या को आधा कर दिया गया है, जिससे यात्रा अधिक सुगम और तेज हो गई है। अब भक्त केवल दो मिनट में राधा रानी के मंदिर तक पहुंच सकते हैं, जबकि पहले इसमें पांच मिनट का समय लगता था।
रोपवे में तकनीकी बदलाव
रोपवे की ट्रॉलियों की संख्या घटाकर 12 से 6 कर दी गई है, जिसमें तीन ट्रॉलियां लोअर स्टेशन पर और तीन अपर स्टेशन पर हैं। इस बदलाव से श्रद्धालुओं को यात्रा में कम समय लगेगा और ट्रैफिक की समस्या भी कम होगी। साथ ही, अब ट्रॉलियां बीच रास्ते में नहीं रुकेंगी, जिससे भक्त सीधे मंदिर तक पहुंचेंगे और उनका समय भी बचेगा। पहले बीच रास्ते में रुकने की वजह से कई बार दर्शन का समय निकल जाता था, लेकिन अब यह समस्या हल हो गई है।
बरसाना रोपवे परियोजना की शुरुआत 2016 में हुई थी, लेकिन पर्यावरण अनुमति और कोविड महामारी के कारण इसमें आठ साल लग गए। इस परियोजना पर करीब 15.89 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। रोपवे का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 अगस्त 2024 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर किया था। यह रोपवे मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के मॉडल पर तैयार किया गया है।
किराया और यात्रा
बरसाना रोपवे की लंबाई लगभग 210 मीटर है और मंदिर की ऊंचाई करीब 600 फीट है। इसमें 12 पेंडोला ट्रॉलियां हैं, और प्रत्येक ट्रॉली में 6 लोग बैठ सकते हैं। आने-जाने का किराया 100 रुपये दोनों ओर से निर्धारित किया गया है।
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