Ranipokhari National Law University – रानीपोखरी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का जिन्न एक बार फिर बाहर आया है और इस बार इस मुद्दे ने भाजपा के भीतर की सियासत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर सीधा निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि साल 2019 में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिस नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास और भूमि पूजन किया था।उसके लिए आज भी 52 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खाते में मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद यूनिवर्सिटी का काम आगे नहीं बढ़ पाया। प्रतिमा सिंह का दावा है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस मामले में दो से ज्यादा पत्र भी लिख चुके हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि आखिर पूर्व मुख्यमंत्री के फैसले की मौजूदा सरकार में कितनी अहमियत है।
और क्या सिर्फ इसलिए इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया क्योंकि इसकी नींव त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में रखी गई थी। कांग्रेस ने रानीपोखरी की जमीन को लेकर पहले भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और अब त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान को भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़ते हुए धामी सरकार पर हमला बोला है। यानी 52 करोड़ रुपये खाते में हैं, जमीन का मामला भी सवालों में है और यूनिवर्सिटी का भविष्य अब एक बार फिर सियासी घमासान के बीच फंस गया है।
रानीपोखरी के लिस्ट्राबाद क्षेत्र में प्रस्तावित National Law University की आधारशिला तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 2 मार्च 2019 को रखी थी। उस समय परियोजना को करीब 10 एकड़ भूमि पर ₹26 करोड़ की लागत से विकसित करने की बात कही गई थी। शिलान्यास कार्यक्रम में तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री एवं तत्कालीन सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ भी मौजूद थे।
अब कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने दावा किया है कि विश्वविद्यालय के लिए ₹52 करोड़ से अधिक की राशि खाते में उपलब्ध है, लेकिन उसके बावजूद project आगे नहीं बढ़ा। उनका यह भी कहना है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत इस विषय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दो से अधिक पत्र लिख चुके हैं। हालांकि ₹52 करोड़ की वर्तमान उपलब्धता और पत्रों की संख्या से संबंधित कोई सार्वजनिक सरकारी account statement या पत्रों की प्रतियां उपलब्ध reports में सामने नहीं आई हैं। इसलिए इन दोनों बातों को फिलहाल कांग्रेस का दावा ही माना जाना चाहिए।
अब कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने दावा किया है कि विश्वविद्यालय के लिए ₹52 करोड़ से अधिक की राशि खाते में उपलब्ध है, लेकिन उसके बावजूद project आगे नहीं बढ़ा। उनका यह भी कहना है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत इस विषय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दो से अधिक पत्र लिख चुके हैं। हालांकि ₹52 करोड़ की वर्तमान उपलब्धता और पत्रों की संख्या से संबंधित कोई सार्वजनिक सरकारी account statement या पत्रों की प्रतियां उपलब्ध reports में सामने नहीं आई हैं। इसलिए इन दोनों बातों को फिलहाल कांग्रेस का दावा ही माना जाना चाहिए।
NLU Project के Confirmed Facts क्या हैं?
Uttarakhand National Law University से संबंधित ऐतिहासिक records से पता चलता है कि विश्वविद्यालय के गठन का कानून 2011 में बनाया गया था। रानीपोखरी में इसके campus की आधारशिला मार्च 2019 में रखी गई, लेकिन permanent campus का construction अब तक शुरू नहीं हो पाया।
- NLU Act वर्ष 2011 में बनाया गया
- शिलान्यास 2 मार्च 2019 को हुआ
- रानीपोखरी में 10 एकड़ जमीन प्रस्तावित
- शुरुआती लागत करीब ₹26 करोड़ बताई गई
- निर्माण की स्पष्ट deadline उपलब्ध नहीं
Fact Check: दावा और उपलब्ध जानकारी
विवाद में project cost, उपलब्ध fund और राजनीतिक गुटबाजी जैसे अलग-अलग दावे शामिल हैं। इनके बीच confirmed record और political allegation का अंतर समझना जरूरी है। नीचे उपलब्ध public reports के आधार पर स्थिति स्पष्ट की गई है।
| दावा | Status | उपलब्ध जानकारी |
|---|---|---|
| वर्ष 2019 में शिलान्यास हुआ | Confirmed | त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आधारशिला रखी |
| परियोजना के लिए 10 एकड़ जमीन | Confirmed | 2019 में इतनी भूमि प्रस्तावित थी |
| शुरुआती लागत ₹26 करोड़ | Confirmed | शिलान्यास के समय घोषित लागत |
| खाते में ₹52 करोड़ उपलब्ध | स्वतंत्र पुष्टि नहीं | कांग्रेस प्रवक्ता का दावा |
| मुख्यमंत्री को दो से अधिक पत्र | सार्वजनिक प्रमाण उपलब्ध नहीं | कांग्रेस द्वारा किया गया दावा |
| भाजपा में अंदरूनी गुटबाजी | Political allegation | आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं |
| निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ | उपलब्ध reports से पुष्ट | Permanent campus लंबित बताया गया |
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FAQs:Ranipokhari National Law University
1. Ranipokhari National Law University का शिलान्यास कब हुआ था?
विश्वविद्यालय की आधारशिला 2 मार्च 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रखी थी।
2. University के लिए कितनी जमीन प्रस्तावित थी?
शिलान्यास के समय रानीपोखरी में करीब 10 एकड़ जमीन पर campus बनाने की बात कही गई थी।
3. Project की शुरुआती लागत कितनी थी?
वर्ष 2019 में इसकी शुरुआती लागत करीब ₹26 करोड़ बताई गई थी।
4. क्या खाते में ₹52 करोड़ मौजूद हैं?
यह दावा कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने किया है। इसकी स्वतंत्र सरकारी दस्तावेज से पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
5. क्या त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखे हैं?
कांग्रेस ने दो से अधिक पत्र लिखे जाने का दावा किया है, लेकिन उनकी प्रतियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

