Sowcar Janaki Death – सौकार जानकी, भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री, का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 21 अगस्त 2026 को चेन्नई के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। जानकी, जो अपने सात दशक लंबे करियर में चार भाषाओं में 400 से अधिक फिल्मों में नजर आईं, को पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। हाल के दिनों में, वह सांस लेने में कठिनाई और उम्र से संबंधित समस्याओं से ग्रस्त थीं। उनकी स्थिति अचानक खराब होने के बाद परिवार ने उन्हें कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनके निधन की पुष्टि नादिगर संगम के अध्यक्ष नासर द्वारा की गई। इससे पहले, अभिनेता कयाल देवराज ने सोशल मीडिया पर जानकी के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी साझा की थी। जानकी का योगदान भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य कार्य के लिए सदैव याद किया जाएगा।
सौकार जानकी का सिनेमा करियर 1950 से शुरू हुआ जब उन्होंने LV प्रसाद द्वारा निर्देशित तेलुगु फिल्म ‘शावुकारु’ से अपने अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद, 1952 में TR सुंदरम की फिल्म ‘वलयापति’ से उन्होंने तमिल सिनेमा में प्रवेश किया। जानकी ने अपने 7 दशक लंबे करियर में तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में उत्कृष्ट योगदान दिया। 1959 में, उन्होंने कन्नड़ सिनेमा की पहली पैन-इंडिया फिल्म ‘महिषासुर मर्दिनी’ में डॉ. राजकुमार के साथ काम किया। मलयालम सिनेमा में उन्होंने 1964 की फिल्म ‘स्कूल मास्टर’ से डेब्यू किया। इसके अलावा, जानकी ने 1991 में दूरदर्शन के तमिल शो ‘ऊरारिंदा रहस्यम’ के माध्यम से टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा।
पद्म श्री सम्मानित सौकार जानकी ने 4 भाषाओं में किया काम
सौकार जानकी, जिनका फ़िल्म करियर तेलुगु, मलयालम, तमिल और कन्नड़ भाषाओं में 400 से ज़्यादा फिल्मों के योगदान के साथ है, ने अपनी प्रभावशाली अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत लिया। उन्होंने फ़िल्म उद्योग में अपने अद्भुत कार्य के लिए 2022 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनके करियर में कई प्रमुख फ़िल्में शामिल हैं, जैसे ‘वड्डंते डब्बा’, ‘कन्या शुल्कम’, ‘पिच्ची पुलैया’, ‘रेचुक्का-पगतीचुक्का’, ‘रोजुलु मरायी’, ‘सोंथवूर’, ‘जयम मनदे’, ‘डॉक्टर चक्रवर्ती’, ‘संसारम ओका चदरंगम’, ‘टोडिकोडल्लू’, ‘बाबू बंगाराम’, और ‘गीतांजलि’. हाल ही में उन्हें फ़िल्म ‘अन्नी मांची सकुनमुले’ में देखा गया। उनका कार्य भारतीय सिनेमा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है और उनके योगदान की प्रशंसा होती है।
Sowcar Janaki Death के निधन से जुड़ी Key Details
नासर की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सौकार जानकी का निधन चेन्नई में संक्षिप्त अस्पताल प्रवास के बाद हुआ। उनका पार्थिव शरीर श्रद्धांजलि के लिए चेन्नई के तेनामपेट स्थित उनके निवास पर रखे जाने की जानकारी सामने आई।
- निधन की तारीख: 21 अगस्त 2026
- निधन के समय उम्र: 94 वर्ष
- स्थान: चेन्नई, तमिलनाडु
- निधन की पुष्टि: नादिगर संगम अध्यक्ष नासर
- स्वास्थ्य स्थिति: उम्र से जुड़ी समस्याओं के बाद अस्पताल में भर्ती
Career Timeline: सात दशकों का शानदार सफर
सौकार जानकी ने केवल फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। वह radio artist, theatre performer और television actress भी रहीं। बदलते समय के साथ उन्होंने lead roles से character roles की तरफ सफलतापूर्वक कदम बढ़ाया।
| वर्ष/दौर | प्रमुख उपलब्धि | माध्यम/भाषा |
|---|---|---|
| 1950 | ‘शावुकारु’ से अभिनय की शुरुआत | तेलुगु सिनेमा |
| 1952 | ‘वलयापति’ से तमिल डेब्यू | तमिल सिनेमा |
| 1959 | ‘महिषासुर मर्दिनी’ में अभिनय | कन्नड़ सिनेमा |
| 1960 का दशक | मलयालम फिल्मों में प्रवेश | मलयालम सिनेमा |
| 1991 | ‘ऊरारिंदा रहस्यम’ से टीवी में शुरुआत | दूरदर्शन तमिल |
| 2020 | ‘बिस्कोथ’ को लगभग 400वीं फिल्म माना गया | तमिल सिनेमा |
| 2022 | भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया | राष्ट्रीय सम्मान |
| 2023 | ‘अन्नी मंची सकुनमुले’ में नजर आईं | तेलुगु सिनेमा |
source used
Sowcar Janaki – Artists | Biography, Films, Legacy | Cinemaazi
FAQs : Sowcar Janaki Death
1. सौकार जानकी का निधन कब हुआ?
सौकार जानकी का निधन 21 अगस्त 2026 को चेन्नई में हुआ।
2. निधन के समय सौकार जानकी की उम्र कितनी थी?
उनकी उम्र 94 वर्ष थी।
3. सौकार जानकी ने किस फिल्म से डेब्यू किया था?
उन्होंने 1950 की तेलुगु फिल्म ‘शावुकारु’ से अभिनय की शुरुआत की थी।
4. सौकार जानकी ने कितनी फिल्मों में काम किया था?
उन्होंने सात दशक लंबे करियर में लगभग 400 फिल्मों में अभिनय किया।
5. सौकार जानकी को पद्म श्री कब मिला था?
भारत सरकार ने उन्हें कला के क्षेत्र में योगदान के लिए वर्ष 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया था।

