Govind Ballabh Pant 139th Jayanti: देहरादून में विशेष कार्यक्रम, युवाओं को मिला राष्ट्रसेवा का संदेश

Govind Ballabh Pant 139th Jayanti: देहरादून में विशेष कार्यक्रम, युवाओं को मिला राष्ट्रसेवा का संदेश

Govind Ballabh Pant 139th Jayanti – भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती के अवसर पर देहरादून स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तराखंड संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के राष्ट्र और समाज के लिए किए गए योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी मौजूद रहीं, जबकि देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान पंडित गोविंद बल्लभ पंत के विचारों और राष्ट्रसेवा के उनके दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत को नमन करते हुए कहा कि वे भारत रत्न होने के साथ-साथ प्रखर राष्ट्रवादी और समाजसेवी थे। उन्होंने अपने जीवन में लगातार समाज के लिए काम किया।

जमींदारी उन्मूलन और किसानों के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण सुधारों में उनका अहम योगदान रहा। उन्होंने समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी लगातार प्रयास किए। ऋतु भूषण खंडूड़ी ने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने की चिंता भी पंडित गोविंद बल्लभ पंत हमेशा करते रहे। उनका सबसे प्रेरणादायक विचार था कि राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि होना चाहिए। उनकी राष्ट्रवादी सोच और विचारधारा आज भी समाज और खासकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने युवा पीढ़ी से पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जीवन और विचारों को समझने तथा उनसे प्रेरणा लेकर राष्ट्र और समाज के विकास में योगदान देने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान पंडित पंत के विचारों और राष्ट्रसेवा के उनके दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि वह भारत रत्न होने के साथ प्रखर राष्ट्रवादी और समर्पित समाजसेवी थे। उन्होंने अपना जीवन समाज के अलग-अलग वर्गों की बेहतरी और राष्ट्र की प्रगति के लिए समर्पित किया।

ऋतु खंडूड़ी भूषण ने जमींदारी उन्मूलन और किसानों के अधिकारों से जुड़े सुधारों में पंडित पंत की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंडित पंत ने वंचित और पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी लगातार प्रयास किए। महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने की चिंता उनकी सामाजिक सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा थी।

पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को हुआ था। वह स्वतंत्रता सेनानी, उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और बाद में केंद्रीय गृह मंत्री रहे। उन्हें वर्ष 1957 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। DD Archives भी उन्हें स्वतंत्रता सेनानी और आधुनिक भारत के प्रमुख निर्माताओं में गिनता है। कार्यक्रम में युवाओं से उनके जीवन को पढ़ने और राष्ट्र तथा समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की गई

Govind Ballabh Pant 139th Jayanti की Main Highlights

Govind Ballabh Pant 139th Jayanti देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से पंडित गोविंद बल्लभ पंत की उपलब्धियों के साथ उनकी सामाजिक सोच को भी सामने रखा गया। वक्ताओं ने युवाओं से उनके विचारों को केवल इतिहास का हिस्सा न मानकर वर्तमान जीवन से जोड़ने की अपील की।

  • आयोजन IRDT Auditorium में हुआ।
  • उत्तराखंड संस्कृति विभाग ने कार्यक्रम आयोजित किया।
  • ऋतु खंडूड़ी भूषण मुख्य अतिथि रहीं।
  • मेयर सौरभ थपलियाल विशिष्ट अतिथि रहे।

तब के Reforms और आज की Relevance

पंडित पंत के समय देश के सामने अलग चुनौतियां थीं, लेकिन समान अवसर, किसान अधिकार, महिला सशक्तीकरण और जिम्मेदार leadership जैसे उनके विचार आज भी उपयोगी हैं। इन मूल्यों को वर्तमान जरूरतों से जोड़कर समझना नई पीढ़ी के लिए जरूरी है।

प्रमुख विचार या योगदानमूल उद्देश्यवर्तमान समय में Relevance
जमींदारी उन्मूलनकिसानों को अधिकार देनाRural empowerment
वंचित वर्गों का उत्थानसामाजिक समानता बढ़ानाInclusive development
महिला सशक्तीकरणमहिलाओं को आगे बढ़ानाEqual opportunities
राष्ट्र सर्वोपरिराष्ट्रीय हित को प्राथमिकताResponsible citizenship
समाजसेवाजनता-केंद्रित नेतृत्वAccountable governance

source link –https://timesofindia.indiatimes.com/city/varanasi/pantjis-steps-visionary-yogi-on-up-first-cms-birth-anniv/articleshow/

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FAQs:Govind Ballabh Pant 139th Jayanti

1. पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती का कार्यक्रम कहां हुआ?
कार्यक्रम देहरादून स्थित IRDT Auditorium में आयोजित किया गया।

2. कार्यक्रम का आयोजन किसने किया?
इसका आयोजन उत्तराखंड संस्कृति विभाग की ओर से किया गया।

3. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कौन थीं?
उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण मुख्य अतिथि थीं।

4. विशिष्ट अतिथि के रूप में कौन शामिल हुए?
देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

5. पंडित गोविंद बल्लभ पंत को भारत रत्न कब मिला था?
उन्हें वर्ष 1957 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

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