सात अक्टूबर देहरादून के बसंत विहार क्षेत्र में भाजपा पार्षद के घर के सदस्यों को खाने में नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने के बाद लाखों रुपये की नकदी और आभूषण चोरी करने के मामले में पुलिस ने परिवार के फरार घरेलू सहायक भरत थापा के एक साथी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। देहरादून के पुलिस अधीक्षक (नगर) शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि 29 और 30 सितंबर की मध्यरात्रि बल्लीवाला चौक के पास अमिता सिंह के घर में कथित रूप से चोरी करने वाले भरत थापा समेत चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने आरोपितों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित कीं। टीमों ने घटनास्थल और आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इससे पता चला कि भरत थापा के साथ चार अन्य लोग भी वारदात में शामिल थे और घटना में हरियाणा नंबर की कार का इस्तेमाल किया गया था।इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और आरोपितों के संभावित ठिकानों पर दबिश के लिए अलग-अलग टीमें गैर-प्रांतों में भेजीं। 6 अक्टूबर की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दिनेश सुनार को घटना में इस्तेमाल अर्टिगा कार के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि चोरी में शामिल दिनेश सुनार (27) को मंगलवार रात बसंत विहार चौक से गिरफ्तार किया गया। वह अपनी गाड़ी में सवार होकर मामले में चल रही पुलिस कार्रवाई की जानकारी लेने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में उसके हुलिए की पहचान के आधार पर उसे गिरफ्तार किया।
सुयाल ने बताया कि दिल्ली में टैक्सी चलाने वाले सुनार ने पूछताछ में कहा कि भरत थापा लगातार अपने चार साथियों के संपर्क में था और उसने आदित्य के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। उसके अनुसार, भरत और आदित्य पहले भी इस तरह के कृत्य कर चुके हैं। सुनार के मुताबिक, आरोपियों ने पार्षद के घर से दो लाख रुपये नकद, कीमती घड़ियां, आभूषण और अन्य सामान चोरी किया था।
गिरफ्तार आरोपी: दिनेश सुनार पुत्र चंद्र सुनार, निवासी पर्यावरण कॉम्पलेक्स, गली सी-33डी, बालाजी अपार्टमेंट, दिल्ली, उम्र 27 वर्ष है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दिनेश और भरत थापा के साथ घटना में शामिल तीन अन्य आरोपितों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें भरत थापा पुत्र चंद्र बहादुर थापा, निवासी जनकपुरी, नई दिल्ली, मूल निवासी नेपाल, आदित्य, अभिषेक और एलेक्स शामिल हैं। आदित्य, अभिषेक और एलेक्स भी नेपाली मूल के बताए गए हैं। चारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों और गैर-प्रांतों में दबिश दे रही हैं।
उनके देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए पुलिस आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार का अधिक से अधिक सामान बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। सुयाल ने बताया कि आपराधिक इतिहास होने के बावजूद भरत थापा को बिना सत्यापन के नौकरी देने वाली एएस सिक्योरिटीज एजेंसी को काली सूची में डालने के लिए दिल्ली सरकार को सूचित किया गया है।
परिवार ने थापा को घटना से केवल 20 दिन पहले काम पर रखा था।

