संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और शिक्षा, स्वास्थ्य व जनकल्याण को गति देना प्राथमिकता
देहरादून, 19 अक्तूबर। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को लोक भवन, देहरादून में उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण की। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इससे पूर्व मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति अधिपत्र का वाचन किया। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने पुलिस के गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया
राज्यपाल डॉ. बिसेन ने देवभूमि उत्तराखंड की सेवा का अवसर देने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आस्था, संस्कृति और वीरता की भूमि है। यहां की मातृशक्ति, युवा, किसान और मेहनतकश जनता प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए विकास की गति निरंतर बढ़ानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और पद की गरिमा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, तीरथ सिंह रावत एवं विजय बहुगुणा सहित कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, योग गुरु स्वामी रामदेव, परमार्थ निकेतन के प्रमुख स्वामी चिदानन्द सरस्वती तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
‘देवभूमि की सेवा करना मेरा सौभाग्य’
शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने कहा, “मैं देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती और यहां की जनता को हृदय से नमन करता हूं। मुझे इस प्रदेश की सेवा का अवसर देने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं।”उन्होंने कहा कि राज्यपाल के रूप में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, पद की गरिमा बनाए रखना और राज्य सरकार व जनता के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा जनकल्याण की योजनाओं को गति देना उनकी प्राथमिकता होगी। उत्तराखंड की शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य किया जाएगा। राज्य सरकार और जनता के साथ मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण, रोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शांति, सुरक्षा और समृद्धि ही उनका परम ध्येय है।

