Uttarakhand: CM Dhami pays tribute to departed leaders at the Gairsain Legislative Assembly; recalls the contributions of Khanduri and Hira Singh Bisht.

Uttarakhand-गैरसैंण विधानसभा में दिवंगत नेताओं को सीएम धामी की श्रद्धांजलि, खंडूड़ी और हीरा सिंह बिष्ट के योगदान को किया याद

भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। उत्तराखंड विधानसभा के सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सदन में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं के सार्वजनिक जीवन, जनसेवा और प्रदेश के विकास में योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का जीवन सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण रहा। उन्होंने सेना से लेकर राजनीति तक विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया। देश की रक्षा, सड़क संपर्क के विस्तार और उत्तराखंड के विकास में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

देशसेवा से प्रदेश के विकास तक खंडूड़ी का योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना में रहते हुए खंडूड़ी ने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सैन्य सेवा के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र का पांच बार प्रतिनिधित्व किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में उन्होंने सड़क संपर्क मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी खंडूड़ी ने पारदर्शी और अनुशासित प्रशासन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी का जीवन और कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों को जनसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस अवसर को भावुक क्षण बताया।

हीरा सिंह बिष्ट को भी दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका पूरा सार्वजनिक जीवन आम जनता की समस्याओं और उनके समाधान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने छात्र राजनीति से शुरुआत कर ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, विधायक और मंत्री तक की जिम्मेदारियां निभाईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिष्ट विशेष रूप से श्रमिकों, मेहनतकश लोगों और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे। पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों में उनके योगदान को भी मुख्यमंत्री ने याद किया।

उन्होंने कहा कि बिष्ट की स्पष्टवादिता, अनुभव और जनता से जुड़ाव हमेशा सम्मान के साथ याद किए जाएंगे। उनका जीवन सिखाता है कि सच्ची जनसेवा का आधार लोगों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए ईमानदारी से प्रयास करना है।

विधानसभा परिसर में नेताओं से शिष्टाचार भेंट

सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से भी शिष्टाचार भेंट की। इसके अलावा उन्होंने भराड़ीसैंण में आयोजित भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए भी पहुंचे। गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान श्रद्धांजलि कार्यक्रमों और बैठकों के साथ प्रदेश के राजनीतिक एवं विधायी कार्य आगे बढ़े।

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