UP Cabinet Decisions 2026: 22 decisions by the Yogi cabinet; approval granted for 4 link expressways and cashless medical treatment

UP Cabinet Decisions 2026: योगी कैबिनेट के 22 फैसले, 4 लिंक एक्सप्रेसवे और कैशलेस इलाज को मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने, उच्च न्यायालय के अधिकारियों के लिए आवास निर्माण, मैनपुरी में सैनिक स्कूल के विस्तार और ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स पार्क की स्थापना सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके अलावा पशुपालन, अंतर्देशीय जल परिवहन, कंपनी विलय के पंजीकरण और साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई।

बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने विभिन्न निर्णयों की जानकारी दी।

कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा

कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों और शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे संबंधित व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है। बैठक में करीब पौने दो लाख कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का उल्लेख किया गया।

हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 आवास

सरकार ने प्रयागराज में उच्च न्यायालय के क्लास वन और क्लास टू अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन आवासों का निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) पद्धति से कराया जाएगा। परियोजना पर करीब 543 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

मैनपुरी में सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए मुफ्त जमीन

कैबिनेट ने मैनपुरी में सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा सहकारिता विभाग के अंतर्गत झांसी में 30 हजार मीट्रिक टन और ललितपुर में 38 हजार मीट्रिक टन क्षमता बढ़ाने से संबंधित भूमि उपलब्धता के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

ग्रेटर नोएडा में बनेगा रोबोटिक्स पार्क

प्रदेश में तकनीकी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क स्थापित किया जाएगा। इसके लिए सरकार एक रुपये की लीज पर जमीन उपलब्ध कराएगी। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

वहीं, उत्तर प्रदेश साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी तीन साल के लिए आईआईटी कानपुर को सौंपने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस कार्य पर करीब 104 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कंपनियों के विलय और डी-मर्जर के पंजीकरण की व्यवस्था

स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि कंपनियों के विलय (मर्जर) और विभाजन (डी-मर्जर) के पंजीकरण के लिए पंजीयन विभाग में व्यवस्था विकसित की जाएगी। प्रस्ताव के तहत कंपनी के शेयर मूल्य पर 0.50 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क निर्धारित करने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने बताया कि अभी तक इस तरह के मामलों में पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। प्रस्ताव को विधानसभा से पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

नावों और स्टीमर का होगा पंजीकरण

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार, कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश में नावों, स्टीमर और अन्य जलयानों के संचालन तथा पंजीकरण के नियम निर्धारित किए जाएंगे।

नियमावली में यांत्रिक और गैर-यांत्रिक जलयानों के पंजीकरण और शुल्क की व्यवस्था होगी। गैर-यांत्रिक नाव के पंजीकरण के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही यात्रियों और नाविकों के बीमा का प्रावधान भी किया जाएगा।

पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर

पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक पशुधन वाला राज्य है, लेकिन पशुपालन क्षेत्र में उत्पादन और विपणन से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए दुग्ध उत्पादन, नस्ल सुधार और बाजार की उपलब्धता पर जोर दे रही है।

उन्होंने बताया कि पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से नस्ल सुधार को प्रोत्साहित किया जाएगा। पशु बीमा योजना के तहत बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार और 15 प्रतिशत हिस्सा पशुपालक वहन करेगा। इसके अतिरिक्त गाय पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने तथा जरूरतमंद परिवारों को मुर्गी पालन के लिए 100 चूजे मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना का भी उल्लेख किया गया।

बुनियादी ढांचे और रोजगार पर रहेगा जोर

कैबिनेट के इन फैसलों में आवास, शिक्षा, तकनीक, पशुपालन और परिवहन जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इन योजनाओं से प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विकास होगा और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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