Noida techie death: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा (सेक्टर-150) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने सबको झकझोर के रख दिया है। युवराज की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि सरकारी तंत्र के खोखलेपन को भी बेनकाब कर दिया है। 27 वर्षीय युवराज की जान बचाने में प्रशासनिक लापरवाही पर अब बॉलीवुड और टीवी जगत के जाने-माने अभिनेता अभिनव शुक्ला ने अपना गुस्सा जाहिर किया है।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार के गहरे गड्ढे में गिरने के बाद युवराज दो घंटे तक गाड़ी की छत पर खड़े होकर मदद की गुहार लगाता रहा। साथ ही मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें मौजूद थीं, और उनका काम ही लोगों को रेस्क्यू करना है। फिर भी कोई भी अधिकारी पानी में उतरने का साहस नहीं दिखा सका।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अभिनेता अभिनव शुक्ला ने पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि टैक्सपेयर्स के पैसों पर चलने वाले ये विभाग एक बुनियादी बचाव कार्य भी नहीं कर सके। अभिनव ने मांग की है कि इस घटना के समय मौके पर मौजूद उन सभी अधिकारियों को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए जो एक युवा की जान बचाने में नाकाम रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को टैग करते हुए ट्रेनिंग और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की भी अपील की है।
इस पूरी घटना में जहां प्रशासन फेल नजर आया, वहीं मनिंदर नाम के एक फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय ने मिसाल पेश की। मनिंदर ने प्रशासन की झिझक को देख खुद रस्सी बांधी और ठंडे पानी में उतर गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि प्रशासन 10 मिनट पहले भी सक्रियता दिखाता, तो आज युवराज जिंदा होता।
इस पूरी घटना में जहां प्रशासन फेल नजर आया, वहीं मनिंदर नाम के एक फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय ने मिसाल पेश की। मनिंदर ने प्रशासन की झिझक को देख खुद रस्सी बांधी और ठंडे पानी में उतर गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि प्रशासन 10 मिनट पहले भी सक्रियता दिखाता, तो आज युवराज जिंदा होता।
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