50 हजार लोगों के शामिल होने का दावा
दौरे के पहले दिन बुधवार को नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। भाजपा के अनुसार, इसमें करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। पदयात्रा एमपी इंटर कॉलेज से शुरू होकर गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक जाएगी।
इससे पहले महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में विशाल जनसभा आयोजित होगी। इसमें भाजपा और उसके सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने का कार्यक्रम है। इनमें प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल, प्रदेश महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी अभिजात मिश्रा, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और हरीश द्विवेदी शामिल हैं। निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद, सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल भी मौजूद रहेंगे।
प्रबुद्ध वर्ग और कोर कमेटी के साथ बैठक
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय के मुताबिक, पदयात्रा के बाद एनेक्सी भवन में प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी के जनप्रतिनिधियों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में संगठन की स्थिति, क्षेत्रीय मुद्दों और चुनाव से पहले की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
गुरुवार को गोरखनाथ मंदिर में करेंगे दर्शन
गुरुवार को नितिन नवीन सुबह गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद एनेक्सी भवन में पार्टी के पूर्व पदाधिकारियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। दो दिवसीय दौरे में कुल छह बैठकों का कार्यक्रम बताया गया है। पार्टी नेतृत्व इन संवादों के जरिए पुराने और वर्तमान संगठनात्मक अनुभवों को चुनावी रणनीति से जोड़ने की तैयारी में है।
लखनऊ और बरेली में भी निकाली गईं पदयात्राएं
भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत इससे पहले लखनऊ और बरेली में भी पदयात्राएं आयोजित की हैं। लखनऊ में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यात्रा का नेतृत्व किया, जबकि बरेली में केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल हुए।
लखनऊ की पदयात्रा लोकभवन से परिवर्तन चौक तक निकाली गई। इसमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और सहयोगी दलों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष की राजनीति और घुसपैठ के मुद्दे पर तीखी टिप्पणियां कीं।
गोरखपुर में होने वाला यह कार्यक्रम अभियान की अगली कड़ी है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा की पदयात्राओं और संगठनात्मक बैठकों के जरिए प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं।

