Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर में जल्द ही भगवान श्रीराम की एक भव्य प्रतिमा स्थापित होने जा रही है। यह प्रतिमा पूरी तरह से सोने, हीरे और अन्य कीमती रत्नों से सजी हुई है। इसकी ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 8 फीट है, जबकि इसका वजन लगभग पांच क्विंटल है। अनुमानित कीमत लगभग ₹200 करोड़ बताई जा रही है।
प्रतिमा को दक्षिण भारत की पारंपरिक शिल्प कला से बनाया गया है और इसे कर्नाटक के एक भक्त ने मंदिर को भेंट किया है। अब इसे पूरे कर्नाटक राज्य की भेंट के रूप में देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह प्रतिमा कर्नाटक के किसी गुमनाम भक्त द्वारा तैयार करवाकर मंदिर में भेजी गई है। इसे मंदिर परिसर में सावधानीपूर्वक लाया गया ताकि किसी भी प्रकार की हानि न हो।
रामलला की इस भव्य प्रतिमा को बनाने में कुल 2,832 घंटे लगे और इसे तैयार होने में करीब 9 महीने का समय लगा। कर्नाटक से अयोध्या पहुंचने के लिए इस मूर्ति को 5 से 6 दिन का समय लगा। यह 1,750 किलोमीटर की दूरी तय करके राम मंदिर परिसर में लाई गई। यात्रा के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। प्रतिमा को स्पेशल वैन में लाया गया और मंगलवार की शाम 3:30 बजे मंदिर परिसर में लाई गई। परिसर में ही इसे खोला गया।
इस मूर्ति की खासियत यह है कि इसमें केवल रामलला ही नहीं, बल्कि दशावतार, गरुड़, ब्रह्मा, शिव, हनुमान, नंदी, नवग्रह, शंख, चक्र और स्वास्तिक जैसी कई आकृतियां भी खूबसूरती से उकेरी गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रतिमा को कर्नाटक के कुछ श्रद्धालुओं ने मिलकर तैयार कराया है। निर्माण काम में तंजावुर के कुशल और अनुभवी कारीगरों की अहम भूमिका रही, जिन्होंने इसे अत्यंत कलात्मक और आकर्षक रूप दिया। प्रतिमा पूरी तरह रत्न और स्वर्ण से सजी हुई है, हालांकि इसमें प्रयुक्त धातु का पता अभी नहीं चल पाया है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस कलाकृति को स्वीकार कर लिया है और 29 दिसंबर को इसका अनावरण किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का नया प्रतीक होगी और मंदिर परिसर की भव्यता को और बढ़ाएगी।
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