Bhojshala Controversy

Bhojshala Controversy: मध्य प्रदेश के धार भोजशाला में एक साथ होगी पूजा और नमाज

Bhojshala Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार में स्थित विवादित भोजशाला (कमाल मौला मस्जिद) में बसंत पंचमी त्यौहार के मौके पर हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों को एक साथ प्रार्थना की अनुमति दे दी है। यह फैसला भोजशाला को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

क्या है भोजशाला विवाद?

धार के भोजशाला परिसर को लेकर कई दशकों से विवाद चला आ रहा है। यहाँ एक पुरातन हिन्दू मंदिर के अवशेष और एक प्राचीन मस्जिद दोनों मौजूद हैं। हिन्दू पक्ष इसे पूजा-स्थल मानते हैं, वहीं मुस्लिम पक्ष के अनुसार यह मस्जिद का स्थल है। इस विवाद की वजह से वर्षों से विभाजन और संवेदनशीलता बनी हुई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी समुदाय दूसरे के धार्मिक अभ्यास को रोक नहीं सकता जब तक कि इससे कानून और सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान न हो। फैसले में कहा गया कि शुक्रवार को दोनों समुदाय अपने-अपने ढंग से प्रार्थना कर सकते हैं। कोर्ट ने हिंदू समुदाय के सदस्यों को हिंदू त्योहार बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक प्रार्थना करने की अनुमति दी है, जो इस वर्ष शुक्रवार को पड़ रहा है, जबकि मुस्लिम समुदाय दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक अपनी शुक्रवार की नमाज अदा कर सकते हैं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि नमाज के लिए आने वाले मुस्लिम समुदाय के व्यक्तियों की सूची जिला प्रशासन को दी जानी चाहिए ताकि सुरक्षा व्यवस्था सुचारू तरीके से चल सके। साथ हीं कोर्ट ने प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

समाज में प्रतिक्रिया और उम्मीद

यह फैसला सामाजिक संगठनों और स्थानीय नेतृत्व के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाओं के बीच आया है। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक सौहार्द और आपसी सम्मान का उदाहरण बताया है, वहीं कुछ समूहों ने इस विषय में संवेदनशीलता बरतने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय धार्मिक सहअस्तित्व और आपसी समझदारी को बढ़ावा देने का प्रयास है। इससे यह संदेश मिलता है कि संविधान सभी धर्मों को समान अधिकार देता है और कोर्ट इसका पालन सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

क्या आगे और क्या-क्या हो सकता है?

अब प्रशासन को आदेश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर संयम, सुरक्षा और शांति बनाए रखें और दोनों समुदायों के लिए एक सुरक्षित प्रार्थना वातावरण सुनिश्चित करें। इस दिन के लिए मध्य प्रदेश के पूरे जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) सहित लगभग 8,000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि का कहना है कि वे कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।

यह फैसला भोजशाला में लंबे समय से चली आ रही धार्मिक और सामाजिक चर्चाओं में एक नया अध्याय जोड़ता है, और आशा जताई जा रही है कि इससे समुदायों के बीच विश्वास और सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा।

Read more:- किस राज्य में बंद रहेंगे Basant Panchami पर स्कूल, जानें पूरी जानकारी

More From Author

India-EU

India-EU: EU के लिए भारत ‘Indispensable’ बोलीं काजा कलास

CM Rekha Gupta

CM Rekha Gupta ने किया पांच नए आधार सेवा केंद्रों का शुभारंभ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *