Bihar News : बिहार के अरवल जिले में एक बेहद क्रूर और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। 76 साल के सेवानिवृत्त शिक्षक बीरबल प्रसाद साव को अपनी 70 वर्षीय पत्नी सुमंती सिन्हा की हत्या करने और शव के 12 टुकड़े करने के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है। ये वारदात उनकी शादी की 57वीं सालगिरह के दिन हुई थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि रंजन मिश्रा ने इसे ‘दुर्लभतम श्रेणी’ का अपराध मानते हुए मौत की सजा दी है।
घटना कब और कहां हुई?
यह सनसनीखेज हत्या 22 जुलाई 2024 को अरवल जिले के मेहंदिया थाना क्षेत्र के जमुहारी गांव में हुई। उस दिन बीरबल और सुमंती की शादी को ठीक 57 साल पूरे हुए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, बीरबल ने अवैध संबंधों के शक में पत्नी की बेरहमी से हत्या की। हत्या के बाद उन्होंने शव को एक लकड़ी पर रखकर 12 टुकड़े कर दिए। शव के हिस्से घर के अलग-अलग हिस्सों में बिखरे मिले थे। पुलिस ने सभी 12 टुकड़े बरामद किए।
हत्या का कारण क्या था?
बीरबल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्हें पत्नी सुमंती पर अवैध संबंध का शक था। सुमंती उनकी दूसरी पत्नी थीं। शादी हाजीपुर के दिव्यांग भावनाथ साव की बेटी से हुई थी। बीरबल पहले हजारीबाग में विद्युत विभाग में काम करते थे, बाद में शिक्षक बने। रिटायरमेंट के बाद गांव लौटे तो पत्नी ज्यादातर समय उनके चाचा की सेवा में बिताती थीं। इसी से विवाद बढ़ा और शक इतना गहरा हो गया कि बीरबल ने क्रूर साजिश रचकर हत्या कर दी। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया कि हत्या से पहले प्राइवेट पार्ट में बोतल डालकर भी यातना दी गई।
आरोपी बीरबल प्रसाद साव कौन हैं?
बीरबल प्रसाद साव 76 साल के हैं और रिटायर्ड शिक्षक हैं। उनके पांच बच्चे हैं – पहली पत्नी से एक बेटा और दूसरी से तीन बेटे व एक बेटी। बड़ा बेटा इंजीनियर है, दूसरा पटना में ऑटो चालक, तीसरा बीएसएफ में, चौथा शिक्षक और बेटी भी शिक्षक है। परिवार शिक्षित होने के बावजूद यह घटना बेहद चौंकाने वाली है।
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने फैसले में कहा कि यह अपराध वैवाहिक विश्वास, रिश्तों और सामाजिक मर्यादाओं को तार-तार करने वाला है। यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ केस है, इसलिए फांसी की सजा जरूरी है। फैसले के बाद बीरबल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस जांच और सबूत
पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाए। शव के टुकड़े बरामद होने के बाद फॉरेंसिक जांच हुई। आरोपी ने खुद कबूल किया कि शक के चलते हत्या की और शव को टुकड़ों में काटा। कोर्ट ने सभी सबूतों के आधार पर दोषी करार दिया।
यह मामला घरेलू हिंसा, संदेह और क्रोध के खतरनाक नतीजों को दिखाता है। लंबे वैवाहिक जीवन के बाद भी शक ने सब कुछ तबाह कर दिया। समाज में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और काउंसलिंग की जरूरत है। https://hnn24x7.com/kashmiri-gate-firing/

