ChatGPT Diary Leak : ओपनएआई ने अपनी नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया। एक चीनी कानून प्रवर्तन अधिकारी ने ChatGPT को अपनी पर्सनल डायरी की तरह इस्तेमाल किया। वह अपनी सारी खुफिया योजनाएं, प्लान और रिपोर्ट्स ChatGPT में सेव और एडिट करता था। लेकिन यही गलती उसके लिए बुरा सपना बन गई। ओपनएआई ने अकाउंट पहचानकर बैन कर दिया और पूरा ग्लोबल इंटिमिडेशन ऑपरेशन बेनकाब हो गया।
क्या हुआ था?
चीनी अधिकारी ने ChatGPT को ‘रनिंग जर्नल’ या डायरी की तरह यूज किया। हर ‘साइबर स्पेशल ऑपरेशन’ की रिपोर्ट वहां अपलोड करता, एडिट करता और स्टेटस लिखता। इसमें पता चला कि चीन विदेश में रह रहे चीनी विरोधियों (डिसिडेंट्स) को डराने-धमकाने की बड़ी मुहिम चला रहा है।
यह ऑपरेशन सिर्फ एक-दो लोगों का नहीं था। इसमें सैकड़ों चीनी ऑपरेटर्स, हजारों फेक सोशल मीडिया अकाउंट्स और लोकल चाइनीज AI टूल्स (जैसे DeepSeek) शामिल थे। ओपनएआई के इन्वेस्टिगेटर बेन निमो ने कहा, ‘यह चीनी ट्रांसनेशनल रिप्रेशन का मॉडर्न रूप है। यह इंडस्ट्रियलाइज्ड है – हर तरफ, हर तरीके से हमला।‘

क्या-क्या खुफिया प्लान थे?
रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने ChatGPT में ये सब लिखा:
अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी बनकर विदेश में रह रहे चीनी डिसिडेंट्स को फोन पर धमकियां देना – ‘आपकी पब्लिक स्टेटमेंट्स कानून तोड़ रही हैं।‘
अमेरिका के काउंटी कोर्ट के फर्जी दस्तावेज बनाकर सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद करवाना।
एक डिसिडेंट की फर्जी मौत की खबर फैलाना – फेक ओबिचुअरी और कब्र की फोटो बनाकर हजारों अकाउंट्स से पोस्ट करना (2023 में यह हुआ था)।
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाईची पर स्मियर कैंपेन – जब चैटGPT ने मना कर दिया तो दूसरे AI टूल्स से प्लान बनाया और अमल में लाया।
https://x.com/HNN24X7/status/2026914092750155859?s=20
ओपनएआई ने कैसे पकड़ा?
ओपनएआई की टीम ने यूजर के चैट पैटर्न, अपलोडेड रिपोर्ट्स और रियल वर्ल्ड एक्टिविटी को मैच किया। अधिकारी हर प्लान का डिटेल चैटGPT में नोट करता था – जैसे कोई डायरी लिख रहा हो। यही उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई।
रिपोर्ट में साफ लिखा है – ‘यह अकाउंट चीनी लॉ एनफोर्समेंट से जुड़ा था।‘ ओपनएआई ने तुरंत अकाउंट बैन कर दिया। कोई CIA या MI6 नहीं, बल्कि चैटGPT बनाने वाली कंपनी ने यह साजिश पकड़ी।
ऑपरेशन कितना बड़ा था?
रिपोर्ट्स से पता चला कि यह सिर्फ शुरूआत नहीं थी। पहले भी कई ऐसे ऑपरेशन हो चुके थे। इसमें ऑनलाइन ट्रोलिंग, मास पोस्टिंग, फेक कंप्लेंट्स, फॉर्ज्ड डॉक्यूमेंट्स और असली जीवन में धमकियां – सब शामिल थे। घरेलू और विदेशी दोनों स्तर पर विरोधियों को चुप कराने की कोशिश।

समाज और यूजर्स के लिए सबक
यह घटना हमें याद दिलाती है – AI चैटबॉट्स में कभी भी सीक्रेट, प्लान या खुफिया जानकारी न डालें। ChatGPT आपकी बातों को प्राइवेट रखने का वादा करता है, लेकिन गलती महंगी पड़ सकती है। ओपनएआई ने साफ कहा – हम मॉनिटरिंग करते हैं और मैलिशियस यूज रोकते हैं।
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