Delhi Car Blast: दिल्ली के लाल किले विस्फोट की जांच में अहम मोड़ आया है। अब तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 9 की पहचान हो चुकी थी। वहीं बाकी 3 लोगों में से एक की पहचान डॉ उमर के तौर पर हुई है। विस्फोट स्थल से एकत्र अवशेषों के DNA की जांच में डॉक्टर उमर का और उसकी माँ का DNA 100 फीसदी मैच कर गया। इससे यह साफ हो गया कि विस्फोट में इस्तेमाल हुई आई20 कार में मौजूद शव डॉ उमर का ही था।
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जांच में सामने आया कि डॉ उमर ने विस्फोट से 11 दिन पहले सफेद रंग की आई20 कार खरीदी थी। विस्फोट के बाद इसी कार में उसके शरीर के अवशेष मिले। इसके लिए डॉ उमर की माँ का DNA जम्मू-कश्मीर से दिल्ली भेजा गया और मिलान के बाद यह खबर सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ के सिलसिले में गिरफ्तार डॉक्टरों ने लाल किले विस्फोट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के लिए 26 लाख रुपये से अधिक राशि जुटाई थी। चार संदिग्धों में डॉ मुजम्मिल गनई, डॉ अदील अहमद राथर, डॉ शाहीन सईद और डॉ उमर नबी शामिल हैं। उन्होंने जमा की गई रकम को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी डॉ उमर को सौंपी थी।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ उमर ने सोमवार शाम को लाल किले के व्यस्त इलाके में आई20 कार चला रही थी। जांचकर्ता मानते हैं कि जमा की गई राशि का इस्तेमाल बड़ी आतंकी साजिश के लिए किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, इस रकम से उन्होंने गुरुग्राम, नूंह और आसपास के शहरों से लगभग 26 क्विंटल एनपीके उर्वरक खरीदा था। यह उर्वरक अन्य रसायनों के साथ मिलाकर आमतौर पर आईईडी (Improvised Explosive Device) बनाने में इस्तेमाल होता है।
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इसके अलावा, डॉक्टर उमर की कई CCTV फुटेज भी सामने आई हैं। फुटेज में वे आई20 कार में विस्फोटक लेकर कनॉट प्लेस जाते दिख रहे हैं, जबकि एक वीडियो में वे तुर्कमान गेट के पास मस्जिद जाते नजर आए। सुरक्षा के मद्देनज़र लाल किला मेट्रो स्टेशन को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है, हालांकि अन्य मेट्रो स्टेशन सामान्य रूप से चल रहे हैं।
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