Delhi Car Blast: दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट के बाद से पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस केस में लगातार नए खुलासे कर रही हैं। हाल ही में यह जानकारी सामने आई है कि धमाके से जुड़ी लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार आरोपी डॉ. उमर नबी की थी और यह गलत पते पर रजिस्टर्ड थी। जांच में पता चला कि कार का रजिस्ट्रेशन उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके पर दर्ज था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि फरीदाबाद के धौज स्थित अल-फलाह मेडिकल कॉलेज के दो छात्र उमर नबी के संपर्क में थे। धमाके के बाद इन छात्रों से पुलिस ने पूछताछ की। पुष्टि हुई कि ये छात्र उमर नबी को जानते थे और उसके साथ कुछ मेडिकल रिसर्च प्रोजेक्ट्स में शामिल रहे। बुधवार सुबह फरीदाबाद पुलिस और एनआईए की संयुक्त टीम ने छात्रों को उनके हॉस्टल से हिरासत में लिया।
जांच में सामने आया है कि उमर नबी ने कार रजिस्ट्रेशन के दौरान सीलमपुर का फर्जी पता इस्तेमाल किया था। जब पुलिस उस पते पर पहुंची, तो वहां एक परिवार रह रहा था, जिसका आरोपी या धमाके से कोई संबंध नहीं था। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि पिछले कुछ महीनों में इलाके में कई नए चेहरे देखे गए थे, जिससे शक बढ़ा कि उमर नबी ने फर्जी पहचान लेकर यह ठिकाना बनाया था।
धमाके के दो दिन बाद, बुधवार को फरीदाबाद पुलिस को सूचना मिली कि लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार खांडावली गांव के पास पार्क की गई है। मौके पर पुलिस ने कार के आसपास संदिग्ध रासायनिक पदार्थ और अवशेष भी पाए। पुलिस ने कार को सीज कर जांच के लिए भेज दिया। एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि कार की रजिस्ट्रेशन डिटेल, मोबाइल लोकेशन और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर उमर नबी के संपर्कों की पूरी श्रृंखला ट्रेस की जा रही है।
जांच अब सीलमपुर, फरीदाबाद और कश्मीर तक फैल चुकी है। एजेंसियां पूरे नेटवर्क के ‘मास्टरमाइंड’ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। दोनों छात्रों से पूछताछ जारी है और धमाके के पीछे की पूरी योजना का खुलासा करने के लिए जांच टीम लगातार काम कर रही है।
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