Delhi-NCR में ठंड ने दस्तक ने दे दी है और अब प्रदूषण के साथ आसमान में घना स्मॉग छाया हुआ है और कई इलाकों में विजिबिलिटी लगभग जीरो हो गई है। सड़कों पर वाहन धीमी रफ्तार से चल रहे हैं। वही प्रदूषण के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) के मुताबिक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) करीब 450 दर्ज किया गया है, जो ‘सीवियर’ यानी बेहद खतरनाक श्रेणी में आता है। बाराखंबा रोड पर AQI 474, पंडित पंत मार्ग पर 417 और सरदार पटेल मार्ग पर 483 रिकॉर्ड किया गया। इन इलाकों में स्मॉग की मोटी परत दिखाई दे रही है।
प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में GRAP स्टेज-4 के प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक है और पुराने डीजल वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई है। इसके अलावा, कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मोड लागू किया गया है, जबकि कक्षा 6 से 11वीं तक के स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं।
ठंड और बढ़ेगी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 17 दिसंबर की रात से एक पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। इससे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
बर्फबारी के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ेगी। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। IMD ने अगले तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान गिरने की चेतावनी दी है।
घने कोहरे की चेतावनी
IMD का कहना है कि 15 से 19 दिसंबर के बीच दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छा सकता है। अगले दो दिनों में बहुत घना कोहरा रहने की संभावना है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।
जलवायु परिवर्तन का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस साल पहाड़ों में बर्फबारी देर से हो रही है, जो जलवायु परिवर्तन का संकेत है। आमतौर पर नवंबर के अंत तक बर्फबारी शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार देरी देखी गई है। आने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकता है।
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