Delhi News : 7 जनवरी को दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास दिल्ली नगर निगम (MCD) और पुलिस ने अवैध अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, और विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
अतिक्रमण हटाने के लिए शुरू हुई कार्रवाई
7 जनवरी की रात करीब 1 बजे MCD ने 10 बुलडोजर और 15 जेसीबी मशीनों के साथ तुर्कमान गेट इलाके में अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू किया। इन निर्माणों में मस्जिद के पास स्थित दुकानों, डिस्पेंसरी और बरात घर का हिस्सा शामिल था। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई, जिसमें अवैध निर्माणों को हटाने का निर्देश दिया गया था।
विरोध और हिंसक प्रदर्शन
जैसे ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई, इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कुछ लोग नारेबाजी करने लगे, जबकि कुछ स्थानीय लोग हिंसक हो गए। उन्होंने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस ने बताया कि इस दौरान चार से पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं.

पुलिस की तैनाती और सुरक्षा इंतजाम
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया। करीब 1,000 पुलिसकर्मियों और 9 जिलों के DCP रैंक के अफसरों को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग की और मलबा हटाने के लिए 70 से ज्यादा डंपर और 150 MCD कर्मचारी लगाए गए। तुर्कमान गेट की तरफ जाने वाले रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को रोका।
पुलिस ने FIR दर्ज की और कार्रवाई की
पुलिस ने पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस पत्थर फेंकने वालों की पहचान कर रही है। पुलिस का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई, जिसमें अवैध निर्माणों को हटाने का निर्देश दिया गया था। मस्जिद प्रबंधन समिति ने इस आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने कोई अंतरिम रोक नहीं दी।
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