Jhansi News : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के झांसी में सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (सीजीएसटी) कार्यालय में चल रहे बड़े रिश्वतखोरी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। 30 दिसंबर को शुरू हुए ऑपरेशन में सीबीआई ने एक आईआरएस अधिकारी, दो अधीक्षकों, एक वकील और एक निजी कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जीएसटी चोरी के मामलों में कंपनियों को फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में हुई।
क्या था पूरा मामला
सीबीआई को सूचना मिली थी कि सीजीएसटी झांसी के अधिकारी निजी कंपनियों से जीएसटी चोरी के मामलों को सेटल करने या फायदा पहुंचाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। इस पर सीबीआई ने जाल बिछाया और दो अधीक्षकों को डिप्टी कमिश्नर के इशारे पर 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह रकम पहली किस्त थी।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
प्रभा भंडारी (2016 बैच की आईआरएस अधिकारी, सीजीएसटी झांसी की डिप्टी कमिश्नर)
अनिल तिवारी (अधीक्षक, सीजीएसटी झांसी)
अजय कुमार शर्मा (अधीक्षक, सीजीएसटी झांसी)
नरेश कुमार गुप्ता (जीएसटी मामलों के वकील, मध्यस्थ की भूमिका)
राजू मंगतानी (जय दुर्गा हार्डवेयर कंपनी के मालिक)
प्रभा भंडारी झांसी में सिर्फ 6 महीने पहले पोस्टेड हुई थीं, लेकिन आरोप है कि उन्होंने अधीक्षकों के जरिए रिश्वत की डिमांड करवाई।

https://hnn24x7.com/8th-pay-commission/
छापेमारी में क्या मिला
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपियों के झांसी, दिल्ली और अन्य ठिकानों पर तलाशी ली। अब तक की रेड में करीब 90 लाख रुपये अतिरिक्त नकद (कुल जब्त नकदी 1.60 करोड़ रुपये)
संपत्ति के कई दस्तावेज
भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर और चांदी की ईंटें (कुछ रिपोर्ट्स में 21 किलो से ज्यादा चांदी का जिक्र) तलाशी अभी भी जारी है और जांच में और खुलासे हो सकते हैं।
https://youtu.be/tm3gOgcBfrs?si=M7BOCitYaw-UM_4r
आगे क्या होगा
चिकित्सकीय जांच के बाद सभी आरोपियों को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई का कहना है कि यह एक संगठित रिश्वतखोरी का रैकेट था, जिसमें अधिकारी, वकील और कारोबारी मिले हुए थे। जांच जारी है और हो सकता है कि और लोग इसमें शामिल निकलें।
यह कार्रवाई जीएसटी विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी मुहिम का हिस्सा है। इससे टैक्स प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने की उम्मीद है, लेकिन विभाग की साख पर सवाल भी उठ रहे हैं।

