No PUC No Fuel

दिल्ली में ‘No PUC No Fuel’ नीति जारी, ई-वेस्ट प्लांट को भी मिली मंजूरी

No PUC No Fuel: दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है। ऐसे में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शहर में वाहनों के लिए ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नीति लगातार जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि जीआरएपी (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के चौथे चरण के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

सिरसा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र के बिना कोई भी वाहन दिल्ली में नहीं चलेगा। वही नियम का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में निरीक्षण के दौरान कई पीयूसी केंद्र बंद पाए गए और 12 केंद्रों के उपकरणों में खामियां मिलीं। इन केंद्रों की सेवाओं को तुरंत निलंबित कर दिया गया है और नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए होलांबी कलां में पहला ई-वेस्ट प्लांट स्थापित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह प्लांट 11 से 11.5 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा और आधुनिक प्रदूषण नियंत्रण मानकों के अनुसार काम करेगा। ई-वेस्ट प्लांट के जरिए इलेक्ट्रॉनिक कचरे का सुरक्षित निपटान किया जाएगा और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।

सिरसा ने यह भी बताया कि दिल्ली में लगभग 1000 से अधिक वॉटर बॉडीज हैं, जिन्हें सुधारने की जरूरत है। दिल्ली सरकार और MCD ने अब तक लगभग 160 वॉटर बॉडीज को ठीक किया है, जिनमें से 134 केवल दिल्ली सरकार की देखरेख में हैं। इस काम के लिए इस साल 100 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर किया गया है। मंत्री ने कहा कि इस साल के अंत तक दिल्ली की सभी वॉटर बॉडीज को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने यह भी जोर दिया कि वायु प्रदूषण और जल संरक्षण के मुद्दों पर सरकार लगातार सक्रिय है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने वाहनों की नियमित जांच करवाएं और नियमों का पालन करें।

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