Railway Bonus: मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 10 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा
Railway Bonus: त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले मोदी सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है कि रेलवे के 10.91 लाख कर्मचारियों को इस साल भी 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) दिया जाएगा। यह भुगतान दशहरे और दिवाली से पहले कर्मचारियों के खातों में आ जाएगा। सरकार द्वारा प्रेस को दिए बयान में कहा गया कि कुल बोनस राशि 1,886 करोड़ रुपये है।
किन्हें मिलेगा बोनस?
Railway Bonus: रेलवे बोनस का दायरा केवल प्रोडक्शन से जुड़े कर्मचारियों तक सीमित होता है। इसमें अफसरों को शामिल नहीं किया गया है।
बोनस पाने वाले कर्मचारी मुख्य रूप से ये हैं –
- ट्रैक मेंटेनर
- लोको पायलट
- ट्रेन मैनेजर (गार्ड)
- स्टेशन मास्टर
- सुपरवाइजर
- टेक्निशियन व टेक्निशियन हेल्पर
- पॉइंट्समैन
- रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान इसमें शामिल नहीं होते।
कब मिलेगा बोनस और कितना मिलेगा?
रेलवे बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों में तैनात कर्मचारियों को दशहरे से पहले ही बोनस मिल जाएगा। वहीं उत्तर भारत के कर्मचारियों को यह राशि दिवाली से पहले मिलेगी।
इस साल भी बोनस की अधिकतम सीमा 17,951 रुपये प्रति कर्मचारी तय की गई है। यानी हर पात्र कर्मचारी को अधिकतम इतनी राशि मिलेगी।
पिछले साल भी मिला था 78 दिन का बोनस
यह लगातार दूसरा साल है जब कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस दिया जा रहा है। पिछले साल भी इतनी ही अवधि का बोनस दिया गया था। तब रेलवे के 11.72 लाख कर्मचारियों को लाभ हुआ था और सरकार ने करीब 2029 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
बिहार में रेलवे की डबल लेन को मंजूरी
कैबिनेट ने बिहार में बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेलखंड को डबल लेन बनाने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 2,192 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह लगभग 104 किलोमीटर लंबी होगी।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अब तक यह मार्ग सिंगल लाइन था, जिसकी क्षमता सीमित थी। डबल लाइन बनने के बाद न केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि समयपालन और कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
यह रेलखंड बख्तियारपुर, राजगीर, नालंदा, पावापुरी, गया और नवादा जैसे जिलों को जोड़ेगा। इससे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार में हाईवे प्रोजेक्ट को भी मंजूरी
बिहार में NH-139W के साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड को हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की लंबाई 78.942 किलोमीटर होगी और इसकी लागत लगभग 3,822.31 करोड़ रुपये आएगी। इसके बन जाने से बिहार में सड़क कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
शिपबिल्डिंग के लिए 69,725 करोड़ का पैकेज
कैबिनेट बैठक में 69,725 करोड़ रुपये के शिपबिल्डिंग पैकेज को भी मंजूरी दी गई। इसका मकसद घरेलू शिपबिल्डिंग को बढ़ावा देना और भारत को समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
यह पैकेज चार हिस्सों में लागू होगा –
- शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम
- मैरिटाइम डेवलपमेंट फंड
- शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम
- लीगल, पॉलिसी और प्रोसेस सुधार
- मेडिकल छात्रों के लिए भी खुशखबरी
मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने 5000 नई पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सीटों और 5023 नई MBBS सीटों को मंजूरी दी है। इससे मेडिकल पढ़ाई की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों को फायदा मिलेगा।
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