Rajasthan Aggregator Policy

Rajasthan Aggregator Policy: राजस्थान में कैब कंपनियों के लिए नए सख्त नियम, यात्रियों की सुरक्षा होगी प्राथमिकता

Rajasthan Aggregator Policy: राजस्थान में कैब कंपनियों की मनमानी अब नहीं चलेगी। राज्य सरकार ने राजस्थान मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स 2025 के तहत नए नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों का उद्देश्य कैब कंपनियों, कैब चालकों और डिलीवरी सर्विस वाहनों को नियंत्रित करना है। अब कैब कंपनियां और चालक मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगे, क्योंकि किराया राज्य सरकार द्वारा तय किया जाएगा। इसके अलावा, यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई जरूरी कदम उठाए गए हैं।

किराया और सुरक्षा के नए नियम

अब तक कैब कंपनियां खुद ही किराया तय करती थीं, लेकिन अब राज्य सरकार ही किराया तय करेगी। वाहन मालिक को निर्धारित किराए का 80% मिलेगा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, अब सभी कंपनियों को हर दिन 14 घंटे कंट्रोल रूम चलाने की जिम्मेदारी होगी।

इसके अलावा, यदि कैब चालक बिना किसी कारण के यात्रा रद्द करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। चालक के लिए 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा अनिवार्य किया गया है।

पुराने वाहनों पर रोक

अब कोई भी वाहन 8 साल से ज्यादा पुराने नहीं चलाए जा सकेंगे। यदि कोई वाहन इससे ज्यादा समय तक कैब के रूप में चलता है, तो कंपनी का लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। अगर एक वित्तीय वर्ष में तीन बार निलंबन होता है या गंभीर अपराध की पुष्टि होती है, तो लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है।

कंपनियों के लिए लाइसेंस और पंजीकरण

कैब कंपनियों को अब 5 लाख रुपये का लाइसेंस शुल्क देना होगा। इसके अलावा, कंपनियों को केंद्र या राज्य सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी होगा। इस लाइसेंस की वैधता 5 साल की होगी, और इसे हर 5 साल बाद नवीनीकरण करवाना होगा।

चालकों के लिए सख्त नियम

नए नियमों के तहत, कैब चालकों को अब 40 घंटे का अनिवार्य प्रशिक्षण लेना होगा। इसके अलावा, वे किसी आपराधिक मामले में दोषी नहीं होने चाहिए। सभी चालकों का मेडिकल चेकअप, आंखों की जांच और मानसिक स्थिति का परीक्षण भी किया जाएगा।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए नए कदम

  • पैनिक बटन: अब हर कैब में पैनिक बटन अनिवार्य होगा, जिससे महिला यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी।
  • ड्राइवर की पहचान: ऐप में ड्राइवर की पहचान और पुलिस वेरिफिकेशन दिखाना जरूरी होगा।
  • लोकेशन ट्रैकिंग: हर वाहन में वीएलटीडी डिवाइस लगे होंगे, जिससे सही लोकेशन ट्रैक किया जा सकेगा। यदि ड्राइवर निर्धारित रूट से हटता है, तो कंट्रोल रूम को सूचित किया जाएगा।
  • बीमा: अब हर यात्री का 5 लाख रुपये का बीमा होगा।

यात्रा रद्द करने पर जुर्माना

अब बिना किसी वैध कारण के यात्रा रद्द करने पर चालक और यात्री पर 100 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। यदि ड्राइवर राइड स्वीकार करने के बाद उसे रद्द करता है, तो उस पर 10% जुर्माना लगाया जाएगा। यात्री के बिना किसी कारण के यात्रा रद्द करने पर भी जुर्माना होगा।

कंपनियों के लिए नए नियम

कंपनियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके ऐप में महिला यात्रियों के लिए महिला चालक का विकल्प हो। इसके अलावा, सभी कंपनियों को एग्रीगेटर ऐप को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराना होगा।

इन नए नियमों के तहत, राजस्थान में अब कैब और डिलीवरी सर्विस कंपनियों की जिम्मेदारी तय होगी, और यात्रियों की सुरक्षा को पहले से ज्यादा महत्व दिया जाएगा। सरकार ने इन नियमों के तहत कंपनियों और चालकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं, लेकिन यह देखना होगा कि इन नियमों की पालन कितना सख्ती से किया जाता है।

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