RBI Dark Patterns Banking Apps : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंक ग्राहकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों को उनके मोबाइल ऐप्स और वेबसाइट्स से डार्क पैटर्न पूरी तरह हटाने का सख्त निर्देश दिया है। यह काम जुलाई 2026 तक पूरा करना होगा। इससे लाखों ग्राहक अनचाहे खर्चे, छिपी फीस और धोखाधड़ी से बच सकेंगे।
ये डार्क पैटर्न क्या है?
दरअसल, डार्क पैटर्न वो चालाक डिजाइन ट्रिक्स हैं जो बैंक ऐप में यूजर्स को गुमराह करते हैं। आप सोचते हैं कि बस ट्रांजेक्शन कर रहे हैं, लेकिन अचानक अनचाही सर्विस जोड़ दी जाती है या छिपी फीस दिखाई जाती है।
उदाहरण:
ड्रिप प्राइसिंग: शुरुआत में फीस नहीं दिखाई जाती, बाद में कट जाती है (64% यूजर्स प्रभावित)।
बास्केट स्नीकिंग: चेकआउट पर बिना बताए अतिरिक्त चार्ज जोड़ना (57%)।
फोर्स्ड एक्शन: अनचाहे सर्विस के लिए साइन-अप मजबूरी (51%)।
नैगिंग: बार-बार पॉप-अप आना, इनकार करने के बाद भी (46%)।
और भी हैं जैसे सब्सक्रिप्शन ट्रैप, बैट एंड स्विच, ट्रिक क्वेश्चनिंग। LocalCircles सर्वे में 8 प्रकार के डार्क पैटर्न पाए गए। औसतन हर बैंक ऐप में 4 से 7 डार्क पैटर्न चल रहे थे।

RBI का नया निर्देश क्या है?
11 फरवरी 2026 को RBI ने Draft Responsible Business Conduct Amendment Directions, 2026 जारी किया। इसमें साफ कहा गया है कि जुलाई 2026 तक सभी बैंकों के ऐप्स और वेबसाइट्स डार्क पैटर्न-फ्री हो जाएंगे।
RBI ने ये भी रोका:
बिना अलग सहमति के इंश्योरेंस या अन्य प्रोडक्ट बंडल करना।
मिस-सेलिंग (गलत प्रोडक्ट बेचना) पर 100% रिफंड।
हर सर्विस के लिए स्पष्ट, रिकॉर्डेड कस्टमर कंसेंट जरूरी।
यह RBI Bank Apps Dark Patterns Removal का सबसे बड़ा हिस्सा है। लोकलसर्कल्स ने सितंबर 2025 और जनवरी 2026 में RBI को शिकायत भेजी थी, जिसके बाद यह एक्शन लिया गया।
LocalCircles सर्वे के चौंकाने वाले नतीजे
देशभर के 388 जिलों से 1,61,000 से ज्यादा जवाब आए। 67% पुरुष, 33% महिलाएं शामिल थीं।
64% को ड्रिप प्राइसिंग का सामना करना पड़ा।
57% को बास्केट स्नीकिंग।
औसतन 4-7 ट्रिक्स हर ऐप में।
यह सर्वे RBI Dark Patterns Banking Apps Survey के तौर पर बहुत चर्चित हुआ।

ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
अब बैंक ऐप इस्तेमाल करते समय:
कोई छिपी फीस नहीं।
अनचाहे प्रोडक्ट नहीं जोड़ेंगे।
सब्सक्रिप्शन आसानी से कैंसल कर सकेंगे।
गलत बिक्री पर पूरा पैसा वापस।
ट्रांजेक्शन पारदर्शी और आसान।
यह खासकर छोटे शहरों और गांवों के ग्राहकों के लिए राहत है, जहां डिजिटल बैंकिंग तेजी से बढ़ रही है। RBI Customer Safety Dark Patterns 2026 नियम से भरोसा बढ़ेगा।
बैंक अब क्या करेंगे?
बैंकों को: ऐप्स को पूरी तरह रीडिजाइन करना होगा।
यूजर टेस्टिंग और ऑडिट करवाना होगा।
स्टाफ ट्रेनिंग देनी होगी।
हर प्रोडक्ट के लिए अलग कंसेंट लेना होगा।
बड़े बैंक जैसे SBI, HDFC, ICICI आदि पहले से ही कुछ बदलाव कर रहे हैं। जुलाई 2026 के बाद RBI सख्ती से मॉनिटरिंग करेगा।
सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग का नया युग
RBI Dark Patterns Removal July 2026 एक ऐतिहासिक कदम है। इससे बैंकिंग अब ग्राहक-केंद्रित बनेगी, न कि ट्रिक्स पर आधारित। ग्राहक अब बिना डर के UPI, लोन, इंश्योरेंस का इस्तेमाल कर सकेंगे।
अगर आपको भी किसी बैंक ऐप में डार्क पैटर्न दिखे तो RBI की वेबसाइट या बैंक की शिकायत विंडो पर रिपोर्ट करें। यह बदलाव पूरे देश के 150 करोड़ से ज्यादा बैंक ग्राहकों के हित में है।
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