SIM Binding Whatsapp: आज से मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इनमें एक प्रमुख बदलाव व्हाट्सएप (WhatsApp) और अन्य मैसेजिंग ऐप्स से जुड़ा है। यदि आपने अपने स्मार्टफोन से एक्टिव सिम निकाल लिया है और उसी सिम से व्हाट्सएप चला रहे हैं, तो अब ऐसा नहीं हो पाएगा। दूरसंचार विभाग (DoT) ने आज से Telecom Cyber Security (TCS) नियम, 2024 के तहत SIM Binding नियम लागू कर दिया है। इसका मतलब है कि अब आपके फोन में वही सिम कार्ड होना जरूरी होगा, जिससे व्हाट्सएप या कोई अन्य मैसेजिंग ऐप रजिस्टर्ड है।
क्या है सिम बाइंडिंग नियम?
अब तक व्हाट्सएप का मॉडल ‘एक बार वेरिफिकेशन’ पर चल रहा था। यानी आप एक बार ओटीपी (OTP) डालकर अकाउंट एक्टिव कर लेते थे और फिर सिम निकाल देने पर भी इंटरनेट के जरिए व्हाट्सएप चलता रहता था। लेकिन अब नए नियम के बाद, व्हाट्सएप समय-समय पर ‘बैकग्राउंड वेरिफिकेशन’ करेगा। अगर आपके फोन में सिम कार्ड नहीं मिलेगा, तो आपका अकाउंट अपने आप बंद या लॉग-आउट हो जाएगा।
क्यों लिया गया यह कदम?
सरकार का कहना है कि साइबर क्राइम और ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही थी। अपराधी अक्सर एक बार सिम से अकाउंट एक्टिव कर लेते हैं और फिर सिम फेंक देते हैं या विदेश से बैठकर भारतीय नंबरों का गलत इस्तेमाल करते हैं। सिम बाइंडिंग से अब पता चल जाएगा कि अकाउंट चलाने वाला व्यक्ति वास्तव में उस सिम का मालिक है।
WhatsApp Web पर क्या होगा असर?
रिपोर्ट्स के अनुसार, कंप्यूटर या लैपटॉप पर व्हाट्सएप चलाने वालों के लिए भी सुरक्षा कड़ी की जा रही है। अगर आपके मुख्य मोबाइल में सिम कार्ड एक्टिव नहीं है या फोन लंबे समय से ऑफलाइन है, तो कंप्यूटर पर चल रहा आपका व्हाट्सएप 6 घंटे के अंदर अपने आप लॉग-आउट हो जाएगा।
WhatsApp ने शुरू किया टेस्टिंग
व्हाट्सएप ने हाल ही में इस फीचर पर टेस्टिंग शुरू कर दी है। बीटा वर्जन में एक पॉप-अप देखा गया है, जो इस बात का संकेत है कि कंपनी SIM Binding नियम को जल्द ही भारतीय यूजर्स के लिए लागू करेगी।
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