Somnath Swabhiman Parv 2026: सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर भारत की आस्था और सांस्कृतिक शक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक है। जनवरी 2026 में यहां सोमनाथ स्वाभिमान पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व 8 जनवरी से 11 जनवरी तक चला, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उत्सव में सक्रियता से भाग लिया और इसे और यादगार बना दिया।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का खास महत्व
इस साल यह पर्व इसलिए खास है क्योंकि सोमनाथ मंदिर पर पहले आक्रमण के 1000 साल पूरे हो रहे हैं। साल 1026 में महमूद ग़ज़नी ने इस पवित्र मंदिर पर हमला किया था। इसके बावजूद मंदिर बार-बार टूटा और फिर से बनता रहा। यह भारतीय संस्कृति की अदम्य शक्ति और अटूट आस्था का जीता-जागता सबूत है।
साथ ही, 1951 में स्वतंत्र भारत में मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण हुआ था। राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने उस समय प्राण-प्रतिष्ठा की थी। अब 2026 में इस पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। दोनों ऐतिहासिक मौके एक साथ आने से यह उत्सव और भी खास हो गया है।
कार्यक्रम में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर थे। दूसरे दिन वे सोमनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने 1000 सेकंड तक हजारों लोगों के साथ ॐकार मंत्र का जाप किया। पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
शाम को 3000 से ज्यादा ड्रोन से शानदार शो हुआ। आसमान में सोमनाथ मंदिर, शिवलिंग, ॐ चिन्ह और भारतीय संस्कृति के प्रतीक उभरे। प्रधानमंत्री ने इसे ‘शाश्वत दिव्यता की ज्योति’ कहा। यह आस्था और आधुनिक तकनीक का अद्भुत मेल था, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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साथ ही प्रधानमंत्री ने शौर्य यात्रा का नेतृत्व किया। यह यात्रा उन वीरों को समर्पित थी, जिन्होंने सोमनाथ की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। 108 घोड़ों के साथ भव्य जुलूस निकला। पीएम ने श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और मंदिर में दर्शन-पूजन कर देश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा, ‘सोमनाथ हमारी सभ्यता की आत्मा है। यहां आकर मैं खुद को बहुत धन्य महसूस कर रहा हूं।’
ड्रोन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम बने आकर्षण का केंद्र

मेगा ड्रोन शो इस पर्व का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। हजारों ड्रोन से रात के आसमान में खूबसूरत तस्वीरें बनीं। जिसे देखकर लोग भाव-विभोर हो उठे। साथ ही, घंटों तक चला सामूहिक ॐकार मंत्र जाप बहुत खास रहा। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संत और श्रद्धालु इसमें शामिल हुए। यह सामूहिक विश्वास और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बना।
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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं रहा। पटना जैसे शहरों में भी दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। लोग भारतीय संस्कृति और आस्था के प्रति एकजुटता दिखा रहे हैं।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026 सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है। यह भारतीय आत्म-गौरव, ऐतिहासिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का बड़ा उत्सव है। प्रधानमंत्री की भागीदारी, भव्य ड्रोन शो, शौर्य यात्रा और लाखों लोगों की आस्था ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। यह पर्व हमें सिखाता है कि चुनौतियां कितनी भी बड़ी हों, आस्था और एकता से हम हर मुश्किल को पार कर सकते हैं। सोमनाथ हमेशा हमें प्रेरित करता रहेगा।

