Gujarat Model: गुजरात के सूरत जिले में करोड़ों रुपए की लागत से बनी पानी की टंकी उद्घाटन से पहले ही ढह गई। यह टंकी ‘नल से जल’ योजना के तहत बनाई गई थी और परीक्षण के दौरान भरते ही गिर गई, जिससे निर्माण गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यह घटना सूरत के मांडवी तालुका के तड़केश्वर क्षेत्र में हुई। करीब 21 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस पानी के टंकी का उद्देश्य आसपास के कई गांवों को पेयजल उपलब्ध कराना था। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कुछ मजदूरों के घायल होने की खबर है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस हादसे के बाद कांग्रेस ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने इसे बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार की “झलक” बताया। पार्टी का आरोप है कि भारी-भरकम बजट के बावजूद निर्माण में घटिया सामग्री और लापरवाही बरती गई, जिसका नतीजा यह हादसा है।
कांग्रेस का कहना है कि यह घटना मोदी के ‘Gujarat Model’ पर भी सवाल उठाती है, जहां विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर बार-बार उंगलियां उठती रही हैं।
जांच के आदेश
हादसे के बाद प्रशासन ने तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। विशेषज्ञ संस्थानों से यह पता लगाने को कहा गया है कि टंकी के गिरने की असल वजह क्या रही-डिज़ाइन में खामी, खराब सामग्री या निर्माण में अनियमितता। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में नाराज़गी
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस तरह की लापरवाही से न सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी हुई, बल्कि उनकी जल आपूर्ति की उम्मीदों को भी बड़ा झटका लगा है। लोग मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हो और यह सुनिश्चित किया जाए की भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाए।
इस हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही और राजनीतिक जिम्मेदारी पर बहस को तेज कर दिया है। अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस मामले की सच्चाई सामने आएगी।
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